जिंदगी जीने की समझदारी से विकास की पहचान

जीवनजीने के दौरान मनुष्य को तरह-तरह के मनुष्यों के प्रिय अप्रिय व्यवहार का सामना करना पड़ता है इसके अलावा उसके सानिध्य मे रहने वाले पशु पक्षी वृक्ष आदि उसे मनुष्य के जीवन के हितार्थ तरह-तरह की क्रिया प्रतिक्रियाएं देते हैं। जो लोग तरह-तरह के सामाजिक असामाजिक मनुष्यों पशुओं पक्षी वृक्ष वनस्पति के प्रिय अप्रिय व्यवहार क्रिया सक्रियाओ की समझ के ज्ञाता हो जाते हैं जिन लोगों को अपने जीवन में दूसरे जीवों की जीवन एजीने के दौरान दूसरे जीवों की जैविक क्रिया संक्रियाओं की समझ हो जाती है वह जीवन में आसानी से तरक्की करते हैं परंतु जिन लोगों को इंसान की सामाजिक असामाजिक मनुष्यों पशु पक्षियों की जैविक जीवन संक्रियाओं की सम्यक ठीक से जानकारी नहीं होती वह ऐसे लोगों से पशु पक्षियों के विचित्र व्यवहार से गलत शगुन विद्या में उलझ कर अकारण जीवन संघर्ष में उलझते हए अक्सर अपने जीवन लक्षयो से भटक जाते हैं । यहां तक की कुछ अज्ञानी अल्पज्ञानी लोग को जीवन संघर्ष के दौरान समय से पहले दुर्घटना ग्रस्त होकर अपने जीवन में तरह-तरह की हानियां उठाते हैं परंतु जो लोग इस ब्रह्मांड में तरह-तरह के जीवन के जैविक विविधता व्यवहारक की भाषा को समझ जाते हैं। वह लाभ उठाते हैं प्रगति करते हैं उन्हीं का सृष्टि में समाज में जाति कुल वंश में तरह-तरह की औद्योगिक संगठनों में विकास होता है ।
   संकेत नंबर 1 कुछ गलत घातक पातकी लोगों से मिलने के बाद सीने में भारीपन पेट में गांठ से लगना यहां पर कुछ सही नहीं है। ऐसे लोगों से मिलने में समझदारी नहीं है ।
 संकेत नबर 2 अति नकारात्मक दुष्ट लोग लोग ऊर्जा को सोख लेते हैं जो आपसे ज्यादा नकारात्मकता युक्त है। ऐसे लोगों से मिलने के बाद शरीर में थकावट महसूस होने लगती है। अपनी सकारात्मक ऊर्जा की स्वयं रक्षा करें ऐसे लोगों से बचें 
संकेत नंबर 3 कार्य करने के दौरान या कार्य करनेसे पहले बाधाएं उत्पन्न होना  , हमको ब्रह्मांड के द्वारा हमारी सुरक्षा के लिए किया गया प्रयास बाधाएं उत्पन्न करना असफल होना प्रकृति के द्वारा हमको हमारे सही जीवन ट्रैक पर पहुंचने के लिए एक चेतावनी है। कि हम गलत लाइफ ट्रैक पर चल पड़े हैं। उसी रास्ते पर एक या दो फेलियर असफलता के प्रयास हद से ज्यादा करना हमारी मूर्खता को बताता ह।
संकेत नंबर 4 खुद को खो देना स्त्री के समान पुरुष के आगे समर्पित होना अपनी मूल बेसिक जरूरी इच्छाओं को दबाते हुए समझौता करते हुए जीना जीवन भर दुख देता है।
संकेत नंबर 5 अपने सपनों का छूट जाना जब पारिवारिक सामाजिक संबंधों के दौरान हम अपनी  मूल भावनाओं को तिलांजलि देकर उस बॉस के समान व्यक्ति के मजबूरी में साथ-साथ जीने लगते हैं तब वह बौस व्यक्ति हमको हमारे जीवन लक्ष्य से भ्रमित कर देता है वह ठीक नहीं है।
संकेत नंबर 6 अराजकता अपनी शांति की कीमत से समझौता ठीक नहीं। उत्पाती उपद्रवी लोगों का साथ ठीक नहीं
संकेत नंबर 7 जीवन में अपनी भावनाओं  को स्वीकार  करते हुए अपने जीवन को अपनी भावनाओं के अनुसार शांति से जीने में समझदारी है ।
संकेत 8 खुद से प्यार करना जब गलत चीजोंको जाने देते हैं। सही चीजें अपने आप जीवन में आने लगती है लड़ाई संघर्ष प्रियता को छोड़ने लगते है । तब जीवन में लड़ाई की घटनाएं कम होने लगती हैं सुख शांति जीवन में अपने आप आने लगती है ।
संकेत नंबर 9 खुदको पहचानना, 
संकेत नंबर 10 अपनी सीमा आप तय करना। 
संकेत नंबर 11 कृतज्ञता का एहसास करना बुरे दुष्ट लोगों तक को धन्यवाद देना उन्होंने हमको हमारा जीवन जीने में एक नया ज्ञान का अध्याय पढ़ा दिया।

राम वर्मा :- आशा के अनुसार लोग मिलने के लिए काल करने लगें 
    समस्या निवारक  रैस्क्युर व्यक्ति मिल जाए 
   इच्छा के अनुसार आवश्यकता के अनुसार सपने दिखाई देने लगे परंतु अवचेतन मन की सेटिंग सही होनी चाहिए अवचेतन मन की खराब सेटिंग होने पर अवचेतन मन घटित घटना का उल्टा दिखाता है अच्छा होना है बुरा दिखेगा , बुरा होना है अच्छा दिखेगा ।
   पशु पक्षियों के शगुन के अनुसार एक निश्चित दिशा में गति करना 
सपनों में  अंको का दिखाई देना, एक  ही प्रकारके एक जैसे सपने दिखाई देना 
 हर घटना पर नजर रखें एविडेंस रेफरेंस सिंक्रोनी सिटी 
 ब्रेकडाउन वाहन का जरूरत के समय स्टार्ट ना होना , रोड ब्लाक जाम मैं फंसना । यूनिवर्स की आपके लिए कोई बेहतर प्लान है। शांत अवस्था में ध्यान करते हुए अपनेअंतर्मन से समस्या का कारण पूछे आपका मन आपको इशारा कर देगा । ऑलमाइटी अल्माटी इल्यूमिनाटी को समझने का प्रयास करें। अपने अवचेतन मन से स्वयं संवाद करें ।

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