प्रेजेंस ऑफ माइंड (दिमाग की तत्परता) का सबसे बड़ा उदाहरण क्या है?

 मनुष्य के मस्तिष्क में दूसरों के द्वारा सुनी गई देखी गई सूचनाएं या अध्ययन की गई समस्त सूचनाओं को स्मृति कहते हैं ।यह स्मृति एक निश्चित कालांश काल - अवधि के पश्चात अपने आप सोते में या स्वतः ही धूमिल होती हुई धीरे-धीरे विलुप्त हो जाती है । जिससे विस्मृति या भूलन कहते हैं । परंतु यह विश्व की भी कुछ विशेष योग साधना ओं के द्वारा विस्मृति भी स्मृति क्षमता में आ जाती है ।

इस प्रकार प्रत्येक मनुष्य का मस्तिष्क दो मुख्य मानसिक विधा स्मृति और विस्मृति के मध्य काम करता है ।जिसमें स्मृति पर केंद्रित होकर काम करना मुख्य है । इस स्मृति पर केंद्रित होने को ही प्रेजेंस आफ माइंड या दिमाग की तत्परता कहा जाता है । इसके लिए दो विधियां मुख्य हैं नंबर 1 रीजनिंग एबिलिटी कारण /तर्क द्वारा नंबर दो डिस्क्रिप्टिव मेथड या वर्णनात्मक पद्धति द्वारा । रीजनिंग एबिलिटी भौतिक विज्ञान गणित विज्ञान लोगों की अच्छी होती है । जबकि डैस्क्राईब या वर्णनात्मक पद्धति जीव विज्ञान , रसायन विज्ञान , संविधान और समस्त कला वाणिज्य संकाय के लोगों की अच्छी होती है । परंतु इसमें जो प्रजेंट सॉफ्टमइंड है इसका तात्पर्य सिर्फ एक है कि मस्तिष्क का इतना अधिक सक्रिय होना किसानों से कम से कम समय में अपने मस्तिष्क में संचित सूचना मिलते ही तुरंत एक उचित सही सटीक सूचना निकालकर सही समय पर दे जिसका मानव उपयोग करके अपना बचाव कर सके या लाभ कमा सके हानि से बचे दुर्घटनाओं से बचे ।

अक्सर होता यह है कि जब भी कोई समस्या आती है तो अमूर्त चिंतन क्षमता के अभाव में सभी लोगों का दिमाग ठीक से काम नहीं करता एक समस्या आने पर मस्तिष्क या तो सुन्न हो जाता है या फिर अनेकों प्रकार की समस्याओं से ग्रसित होकर या अनेक समस्याओं के अनेकों हल विकल्प के कारण निर्णय हीन हो जाता है। ऐसे में वह समस्या ग्रसित व्यक्ति फेल हो जाता है । समस्या का सही समाधान नहीं निकाल पाता है परंतु जिन लोगों में रीजनिंग एबिलिटी या प्रेजेंस ऑफ माइंड दिमाग तत्परता फैक्टर ठीक से काम करता है वह सदैव सही समस्या का सही समय पर सही हल निकाल कर देते हैं।

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