क्या मेरी टूटती हुई शादी को बचाया जा सकता है,मेरी 3 साल की बेटी भी है लेकिन मेरे पति को दूसरी औरतो मे दिलचस्पी हे ?



आप के प्रश्न के अनुसार आप की तीन साल की बेटी प्रमाण है कि अबसे तीन साल पहले आप और आपके पति के संबंध सही सामान्य थे । संबंधों के बीच में गड़बड़ बेटी के जन्म के बाद हुई इसका दोष ज्योतिष विधा के अनुसार बेटी को न दें ।अपनी बदलती परिस्थितियों की जिम्मेवारी आपकी है ।वजह है आपका कामसूत्रम विधा /रतिरहस्यम् में अनभिज्ञता या अनाड़ीपन ,आपने अपने पति को अपने से बंधा समझने की भूल की है ।आपका अपने को रानी समझने का भूत अभी तक नहीं उतरा है क्वारीलड़की की स्वाभाविक सोच ।
आपकी समस्या आत्मसमोहन ,आत्मकेंद्रित , अन्तर्मुखी हो जाने से पैदा हुई है और आपका आत्मकेन्द्रण केंद्र पति से हटकर पुत्री पर आ गया है आप अपने को पुत्री के सानिध्य में ऊर्जा वान और पति के सान्निध्य में ऊर्जा हीन महसूस करती हैं ।आपकी समस्या आपके मानसिक बिन्दु परिवर्तन से पैदा हुई है। वह पति से हटकर पुत्री पर आ गया है ।पति पति है पुत्री पुत्री है आपका विवेक निर्णय क्षमता गड़बड़ हो गई है ।अपना मानसिक बिन्दु बदलेंं पति पर वापस लाये पुत्री को ममता दें दोहरा बरताव करना सीखें पति के सामने आने पर पति में रूचि लें पुत्री के सामने आने पर पुत्री में रूचि लें ।दोहरी जिन्दगी जीना सीखें /शुरू कर दें
यदि आप अपनी शादी को बचाने की सोच रखती हैं ,तो अपने पति की आवश्यकता को समझें ,उनके विचारों का ,उनकी सोच का सम्मान करें अपने पति से प्रेम करना शुरू करें । शादी को सामाजिक बंधन न समझें ।अपितु अपने पति को अपना पूरक अर्धांग समझते हुए अपने पति से निजता से प्रेम करना शुरू कर दें ।और अपने पति की मूलक ज्योतिष शास्त्र की पशुयोनि का पता करें ,फिर अपने पति से उनकी पशु योनि के अनुसार या उनकी प्रिय पशु मुद्रा के अनुसार उनसे रतिरहस्यम् के अनुसार संभोग क्रियाओं में सहयोग करें ।
आपके पति की दूसरी औरतों में दिलचस्प लेने का कारण आप खुद हैं आप अपने पति से आपेक्षा रखती हैं कि आपके पति आपके निर्जीव शरीर से मन चाहे जैसे खेलें आप संभोग क्रिया में निष्क्रिय रहती हैं ,आप कामसूत्रम के अनुसार षंढी /ठंडी बुढ़िया के समान व्यवहार करती हैं संभोग से पहले भी संभोग के बाद भी ।अपने प्रेम /समाज संबंधों में गरमायी लायें अपने पति से टूट टूट कर जुड़ जुड़ कर ऐसे प्रेम संबंध बनायें । जैसे आप अपनी बेटी के पैदा होने से पहले सुहाग रात के बाद बनाया करतीं थीं ।
याद रहे कोई भी पति दूसरी औरतों में रूचि तब लेता है जब उसकी पत्नी उसको उसकि कुब्बत से ज्यादा कानून पढ़ाने लगती है ,उसमें रुचि लेना बंद कर देती है ,अपने पति की प्रेम भावनाओं का सम्मान नहीं करती है उसे बात बेबात पर झिड़कने जलील करने लगती हैं ,उसे ताने मारने लगती है ,उसपर व्यंग कमेंट्स कसने / पास करने लगती है दूसरे पुरुषों की उसके सामने तारीफ करती है और अपने पति को सबके सामने डिग्रेडेबल करने का मौका नहीं चूकती ।उसके ऐसे व्यवहार से पति का मन उससे हटने लगता है ।
अब जिन महिलाओं को लेकर आपने तंज किया है उनमें से एक दो को आप जरूर जानती होंगी अपने और उनके बीच में गुप्त रूप से तुलना करें उसकी विशेष खूबी पर गौर करें और अपने अंदर उस खूबी /विशेष गुँण को लाने /पैदा करने की कोशिश करें अर्थात उस अभिसारिका के श्रेष्ठ उत्तम गुँण को अपनायें तो आप पायेंगी कि वह गुँण कुछ नया विशेष नहीं अपितु वह औरत आपके पति की भावनाओं को समझते हुए आपके पति के सामने आपके पति की मनोभावना के अनुसार व्यवहार करने में प्रवीण है।उसका यौन ऊर्जा स्तर आपके पति को पसंद है ।यानि कि वह गर्म है मिर्ची ली है नमकीन है जिसे चूमने चाटने को आपके पति फिराक /उचित अवसर की तलाश में रहते हैं और वह उनकी भावनाओं को समझती है उन्हें निराशा नहीं करती उनका मन रख लेती है ।अपने में नयापन लाओ ,अपने को ऊर्जा वान बनाओ , किस्सा तोता मैंना पढ़ो ,गंगा राम पढ़ो ,काम सूत्रम पढ़ो लगभग 500 -700रुपये का बंबई वाला खेमचंद वैंकटेश्वर स्टीम प्रैस का ।अधिक जानकारी के लिए
कामसूत्रम में रतिरहस्यम् में अनाड़ी पिछड़े मत रहो ये समस्या कोरा पर डालकर मुफ्त में हल नहीं होगी ।प्रयास करो अपनी शादी को संभालने का , इसके लिए अपने पति का इंतजार मत करो याद रखो ईश्वर ने सभी को बुद्धि एक समान नहीं दी ह किसी को ज्यादा किसी को कम बरहाल अपने पार्टनर को निबाहना संभालना खुद शुरू करो । बाकी मेरे प्रोफाइल में से योनि भेद ,योनि दोष ,योनि वेग जो हिंट स संक्षेप में हैं ढूंढ लेना प्रशनों में संक्षेप में लिखे हैं । अभी कुछ नहीं बिगड़ा हुआ है सब संभल जायेगा /ठीक हो जायेगा ।

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