अपनी संतान की शंका संदेह को मिटाने लिए संतान का DNA टैस्ट कराना चाहिए । डी एन ए टैस्ट ५० प्रतिशत मैचिंग सिमिलरटी पैटर्न पिता से होने पर पिता का संदेह बच्चे की अवैधता /नाजायजपन को लेकर समाप्त हो जाना चाहिए । वहम /मानसिक शंका का निवारण का कोई अन्य वैज्ञानिक विकल्प नहीं है ।
इसके बारे में मैंने अपनी प्रोफाइल पर जीन ट्रेक सिस्टम और प्रतिशतता का जवाब सबसे पहले पिन करके लगा रखा है जो अनुवांशिक विज्ञान विधा के जींस गुणों के भविष्य पीढ़ियों में घटते और बराबरी पर चलते हुए लिखा है जिसके अनुसार दसवीं पीढ़ी का बच्चा जीन बिखराव के चलते हुए अपने मूल पीढ़ी के पितर मां मातृ पक्ष, पितर पक्ष से बिल्कुल अलग होता है ।
अर्थात दसवीं पीढ़ी का बच्चा अपने मूल पितर पीढ़ी से पूरी तरह अलग होता है लेकिन उसमें अपने पूर्वजों के वंशज गुण पाए जाते हैं जैसे सिर के शरीर के बालों के जल्दी सफेद होने से उसके पूर्वजों के शीतप्रदेशीय होने का अनुमान लगाया जाता है तो लम्बे समय तक या अन्त समय तक काले बाल होने से उसके पूर्वजों के गर्म प्रदेशीय होने का अनुमान लगाया जाता है । बालों का सफेद रंग पोलर जीन है तो बालों का काला रंग इक्वेटोरियल जीन है ।
स्मरणिय तथ्य यह है कि डी एन ए मैचिंग सिमिलरटी पैटर्न प्रतिशत कभी भी शून्य पर नहीं आता है। इसके प्रतिशतता पैटर्न से पितृ वंश निकटता से गोत्र व्यवस्था में गोत्रिय भाई के निकटवर्ती होने का पता उसके न्यूनतम और अधिकतम निकटवर्ती, दूरवर्ती होने से पूर्वजता ,पूर्वजन्यता (पूर्वानुमानित कुल सदस्यता ) का पता लगाया जा सकता है ।
यह डी एन ए मैचिंग सिमिलरटी पैटर्न पर अधिकतम कार्य इंग्लैंड अमेरिका में एच जी पी प्रोजैक्ट के अन्र्तगत ह्यूमन जीनोम परियोजना पर अधिकतम हुआ है जिससे अमेरिकन बच्चे जो केवल मां के पराक्रम फर्टिलिटी सेंटर की सेवा लेने , गुप्त पुरुष के गुप्त वीर्य दान /जीवन सुधा से पैदा होते हैं सिंगल पेरेंट् सिस्टम के तहत वे अपने वास्तविक जैविक पिता को ढूंढ लेते हैं । नारायण दत्त तिवारी को उनके बेटे रोहित शेखर ने डी एन ए तकनीक से पकड़वा कर अपनी मां उज्ज्वला शर्मा से बाद में वैदिक विधि विधान से शादी करवाई थी । अमेरिका में गोत्र व्यवस्था पितृ वंश ,मातृवंश अलग अलग रुप से दोनों ही के डी । एन । ए । डाटा नैट पर उपलब्ध होने से आसानी से सुलभ है । बस अपना डी। एन। ए। डाटा नैट पर डाल दो और मां या पिता की सर्च का कार्य किसी भी सर्च इंजन गूगल या डक डक गो की सेवा में छोड़ दो । एक दिन से लेकर एक महीने के भीतर आपके पास आपके असली जैविक माता पिता का डाटा विद् डी। एन। ए। मैचिंग सिमिलरटी पैटर्न पता सहित मिल जाएगा कि आप का पिता /माता वर्तमान में कहां-कहां किस पते पर रह रहे हैं ।
डी। एन। ए। तकनीक में रक्त ,बाल , हड्डियों, वीर्य, शरीर कोशिकाओं के नमूने लेकर उनसे डी एन ए निकाल कर बाद में उस डी एन ए का आइसोलेशन करके उसके इलैक्ट्रोफोरस जैल विधि से आइसोलेशन सैपरेशनबैण्ड स्क्रीन पर बनाये जाते हैं फिर उनका मिलान /मैचिंग सिमिलरटी पैटर्न देखा जाता है संतान/बच्चों के डी एन ए बैंड उनके मां से ५०प्रतिशत और ५०प्रतिशत जैविक पिता से मैचिंग करते हैं ।इसे डी एन ए फिंगर प्रिंटिग मैथड कहते हैं । पूर्वजों से डी एन ए मैचिंग सिमिलरटी प्रतिशत घटती /कम होती जाती है जैसे जो डी एन ए पिता से ५०प्रतिशत मिलता था वह उसके पिता के पितर यानिकि दादा, दादी से २५ प्रतिशत मिलता है ।इसी प्रकार यह डी एन ए का नियम माता ५० और माता के पितर नाना , नानी से २५प्रतिशत मिलता है ।
भारत में गोत्र व्यवस्था का आधार एतिहासिक विरासती पर निर्भर है । जो उनके वंशावली गोत्र बखाना /कुल पाठक/कुल भाटक के निजी पुरानी देवनागरी लिपि मुड़िया में लिखा उनके पूर्वजों की वंशावली में पूर्वजों के नाम , पूर्वजों का दान जो उन्होंने उस पुराने समय में उस गोत बखाना को अपनी ओर अपनी संतान संतति के नाम लिखाने , कुल के इतिहास लिखने को दिया था ।
भारतीय समाज में बाप के शरीर की और संतान की शरीर की बाह्य बनावट, उनके कार्य करने, सोचने , बोलने ,और आवाज की आवृत्ति का मिलान पिता और पितर श्रेणी चाचा,ताऊ ,दादा से करके गुंण गुणव गुणवत्ता समानता की निकटता के आधार पर कुल परिवार संतान वैधता का अनुमान लगाया जाता है । उल्लेखनीय तथ्य विश्लेषण यह है कि एक परिवार के लड़कों की आवाज की आवृत्ति का एक निश्चित ध्वनि स्पैक्ट्रम होता है । लड़कों की आवाज उनके चाचा ताऊ मामा की आवाज से मैच करती है ।लड़कों के अंदर Yक्रोमोसोमल जीन्स लिंकेज पैटर्न के अनुसार जींस समानता शुद्धता की सम्भावना ज्यादा रहती है क्योंकि Y जींस का प्रतिशतता पैटर्न २५ प्रतिशत है। जिससे लड़कों के अंदर लिंकेज पैटर्न फैक्टर से अड़ियल पना अपने अहम अस्तित्व के लिए संघर्ष लड़ाई झगड़े की प्रवृत्ति होती है पुरुषों के अनेक कुल जाति धर्म की व्यवस्था है जिससे भूमि पर लड़ाई युद्ध की भूमिका अक्सर बनती रहती है ।
जबकि X जींन का प्रतिशतता पैटर्न ७५ प्रतिशत है ।जीन मिक्स की संभावना 75 प्रतिशत होने से रिकोम्बीनेशन रिमिक्सिंग की संभावना ज्यादा होने से स्त्रियों में समझौतावादी दृष्टिकोण आसानी से मिलना मिक्स होना आसान होता है जिससे मादाएं जीवन जीने के लिए अहम को छोड़कर लड़ाई झगड़े से दूर रहते हुए आपस में आसानी से मिक्स /मिश्रित हो जाती हैं तरह तरह के कुल जाति धर्म के होने पर । इसी कारण से कहा जाता है कि संपूर्ण विश्व में स्त्रियों की एक जाति, एक धर्म है मिल जुल कर रहना और जीवन जीने के लिए लड़ाई झगड़ों से बचकर हरहाल बरहाल से जीवन जीना । पंगेबाजी की संभावना शरारत करना लेकिन पंगेबाज ताऊ झगड़ू से बचना /दूर रहना संभलकर रहना और जीवन को खतरा होते ही खतरनाक लोग और खतरे की जगह को फौरन छोड़ देना ।
यह सब मानव जाति में लिंग धारण का गुण स्त्री या पुरुष का बनना पुरुष के वीर्य में दो तरह के शुक्राणुओं के कारण से होता है , जबकि स्त्री में केवल एक समय में एक अण्डाणु निषेचन /मिलने के लिए स्त्री के गर्भ आश्रम में उपलब्ध होता है । जबकि शुक्राणुओं की संख्या हजारों में होते हैं,दो खेमे Xऔर Y वाले ।स्पष्ट पुरुष में सिंगल X , सैक्स क्रोमोसोम /गुंण सूत्र जीन पूल से पुरुष कम जीवन प्रिय होता है ।जबकि स्पष्ट महिला में XX सैक्स क्रोमोसोम /गुंण सूत्र होते हैं जो दो गुना जीवन प्रियता गुंण युक्त है ।
No comments:
Post a Comment