जानवर किस मामले में मनुष्य से बेहतर हैं?

मर्यादा (नियम पालन )में जानवर मनुष्य से बेहतर हैं ।वे अपने लिए नियंता द्वारा प्राकृतिक ईश्वरीय नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करते हैं ।यौवनवेग के आधीन शेरनी, गाय भैंस कितनी ही क्यों न गर्मी जाय ।शेरनी शेर का विकल्प बाघ से संबंध नहीं बनाती ।गाय साँड का विकल्प भैंसे से प्राकृतिक रुप से संबंध नहीं बनाती ,और भैंस भैंसे का विकल्प साँडों से संबंध नहीं बनाया करती हैं ।शेर भूखा मर जायेगा लेकिन घास नहीं खायेगा, गाय भैंस भूखे मर जायेंगे लेकिन माँस नहीं खायेंगे ।लेकिन आदमी कहता खुद को शाकाहारी है लेकिन आपत्तिजनक हालत में माँसाहारी बनते में देरी नहीं किया करता है ।भोजन का विकल्प आदमी जल्दी नहीं बहुत जल्दी बदल दिया करता है। मनुष्य की मिथुन /मैथुन विकल्प परिवर्तन क्षमता देखनी है तो किसी भी पौर्न साईट पर जाकर देख सकते हैं ।
अब मनुष्य की बात इसकी नैतिकता नियम पालनता देखनी हो यौन संबंधित जानकारी के लिए तो पौर्न साईटों पर जाकर देख लेना ।अब सामाजिक न्याय नियम पालन देखना चाहते हैं तो वंशवाद ,भाईभतीजा वाद ,भविष्य के लिए अपनी आयु से अधिक, अपनी वंशावली से अधिक, भविष्य निधि संचय भ्रष्टाचार पशुओं में नहीं मिलेगा । युद्ध नियम पशु पत्नी प्राप्ति को ,भोजन को, सीमित जमीन के लिए ,सीमित युद्ध करते हैं एक से एक लड़ता है पशुओं में मनुष्य जैसा सामूदायिक सामूहिकता युद्ध नहीं होता है ।
जबकि मनुष्य में एक आदमी को अनेक मिल कर मारते हैं अनेक आदमी मिलकर अनेक आदमियों के समूहों को नष्ट करते समय इतने विवेकहीन बुद्धि से खाली हो जाते हैं पगला जाते हैं कि जो भी युद्ध स्थलपर दिखाई देते हैं निहत्थे नागरिक, बालक बालिका, स्त्री ,अबोध शिशु जो युद्ध का मतलब /अर्थ भी नहीं जानते उन्हें भी युद्ध के जनूनी सैनिक /मनुष्य मारने से पहले नहीं सोचते हैं ।सबसे बुरी बात परमाणु बम धारी मनुष्य में इतना विवेक नहीं होता /आधुनिक बब्रूवाहन एक राजनेता के कहने मात्र से सिर्फ एक युद्ध बटन दबाकर युद्ध का नकशा बदल देता है ,युद्ध हार तो क्या युद्ध जीत भी देखने योग्य नहीं होती है ।ऐसा भीषण विभत्सता पूर्ण कर्म तो आधुनिक बब्रूवाहन परमाणु बम संचालक तब कर देता है जब कि वो युद्ध स्थल से मीलों /कोसों दूर होता है ।
ऐसा अप्राकृतिक असामाजिक असामान्य असाधारण अमानवीय कृत्य पशु करना तो दूर सोचते तक नहीं हैं ।वे लड़ते हैं उतने भोजन के लिए जितना उन्हें खाने के लिए एक समय में चाहिए, वे भोजन के लिए दूसरे समय की चिंता करके कभी नहीं नहीं लड़ते हैं और ना ही रखे हुए भोजन की निगरानी/रखवाली करते हैं । पशुओं को यौनक्षुधा मिटाने के लिए एक समय में एक पार्टनर चाहिए अनेक पार्टनर नहीं ।कुत्ता जाति अपवाद है लेकिन कुतिया नियम पसंद है वह एक समय में एक कुत्ता को यौनसंबंध बनाने की अनुमति देती है ।
पशु नियम पालन मर्यादा के क्षेत्रों में मनुष्य से आदि काल से बेहतर हैं और भविष्य में भी बेहतर ही रहेंगे ।

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