आपको अपनी मां से विरासत में क्या मिला है?

दिमाग के लिए स्मृति
शरीर के लिए कार्य क्षमता /ऊर्जा स्तर मां से बच्चों को विरासत में प्राकृतिक रूप से स्वत मिलता है ।ये गुण पिता से बच्चों में नहीं आते हैं।
मां से मिला ज्ञान : जीवन पद्धति की योग्यता जैसे जाति धर्म कुल गोत्र की विवेचना समझ टैक्सोनोमिक लाइफ स्टाइल पैटर्न सिस्टम और वैदिक साहित्य में से स्मृति सर्ग पुराने मानवीय संविधान ओं की बेसिक जानकारी जैसे गौतमस्मृति से नारी की पवित्रता अहिल्या प्रकरण में अहिल्या को शिला पत्थर बनाने बालों में दोषी एक गौतम ॠषि जो अपनी पत्नी की भावनाओं को ठीक से नहीं समझ पाये कि राजकुलों से आती स्त्री राजपुरुष इन्द्र वरण लोगों की ओर आसानी से आकर्षित /झुक हो जाती है राजसी सुख भोग विलास ऐश्र्वर्य के लिए लालच में, । बृहस्पति स्मृति से विस्तार भाव जीवन में कम संघर्ष अधिक तरक्की , शुक्राचार्य मुस्लिम समुदाय के मूल पहले गुरु से जीवन में नियम की श्रेष्ठता खुली सोच का खतरनाक परिणाम यम /मौत की बारीकियां , सोच ने पर बोलने पर ज्ञानी वृद्ध बड़ों का नियंत्रण लेकिन बच्चे को भी सोचने सलाह देने का अधिकार। रावण पिता विश्रवा ॠषिस्मृति के अनुसार श्रैष्ठ पुत्र को कुल नियंत्रण सोंपना , बड़े मूर्ख को छोटे समृद्ध को कुल नियंत्रण नहीं सोंपना । श्रैष्ठता बड़े छोटे को अधिकृत नहीं है ।
याज्ञवल्कय स्मृति के अनुसार प्रज्ञात्मानं ब्रह्म में प्रज्ञादान से इतना धन नहीं पर्याप्त होता है जितना धन प्रज्ञाहरण दूसरों को मूर्ख बनाने से प्राप्त होता है धन कभी अपवित्र गंदा ,एक नंम्बर दो नंम्बर का नहीं हमेशा शून्य नंम्बर का होता है जो अब आते कब जाते पता नहीं जब तक गुप्त रूप में है शून्य में है तभी तक सुरक्षित है ।
। मेरी मां का ब्रह्म वाक्य बेटा सिर को हर किसी के सामने यूंही मत झुकाओ सिर झुका ने से पहले देखलो कहीं सिर झुकते समय गर्दन कट न जाय सिर उतर न जाय । ब्राह्मणठाकुर यूं ही सबके सामने सिर नहीं झुकाते ,इनका सिर माता , पिता , गुरु के सामने झुकना चाहिए हर किसी के सामने यूंही अकेला वें नहीं झुकना चाहिए ।
मेरा वर्तमान में नया अर्जित ज्ञान : जैवक ऊर्जा उत्पादक कोशिकाओं के संघटक /कोशिकाओं के उपांग माईट्रोकोन्डिया मां मातृ पक्ष से आते हैं जो जीव के जीवन स्तर के लिए शारीरिक मानसिक कार्य क्षमता का निर्धारण करते हैं । पितृपक्ष से माईट्रोकोन्डिया बच्चों में नहीं आते हैं । बच्चों में सोचने कार्य करने का निर्धारण मां के जैसा होता है। बच्चों के भविष्य का निर्धारण मां करती है पिता सहायक प्रोबायोटिक्स होता है ।

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