ओशो रजनीश के बारे मे क्या जानते हैं जो कोई दूसरा नहीं जानता?


मैं कभी भी ओशो के ,आश्रम के, शिष्यों के ,सानिध्य में नहीं रहा ।जो भी जानकारी धारण एं हैं वह पत्रिकाओं, साहित्यिक अध्ययन पर आधारित हैं कि ःःःःःः
कि एक भारतवर्ष में भी सुकरात पैदा हुआ जिसने भारतीयों लोगों को ज्ञान को ज्यों का त्यों ग्रहण करने के बजाय ज्ञान का भी विवेचन शोधन दर्शन कला कर्म सिखाया ।
मैं धन्यवाद देता हूँ ओशो को जिसके साहित्य को पढ़कर मुझे सोचने बोलने लिखने की समझ पैदा हुई ।

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