क्या आप लेस्बियन, गे,बाइसेक्सुअल, ट्रान्सजेनडर जैसे शब्दों को परिभाषित कर सकते हैं ?

आप ने जो लेस्बियन, गे ,बाइसैक्सुअल , ट्रान्सजैनडर जैसे शब्दों को परिभाषा में जानना चाहा है यह विषय परिभाषा के स्तर से बड़ा है ।
वर्तमान में इसे L.G.B.T.W. के नाम से जाना जाता है । L एल से लैस्बियन / समलैंगिकता (दो स्त्रियों के बीच यौंन संबंध ःः जिसमें एक स्त्री नर की भूमिका में ऊपर दूसरी नारी/स्त्री की भूमिका में नीचे रहती है यौन संबंध क्रियाओं के दौरान ) । । G जी से गे (दो पुरुषों के बीच यौंन संबंध ःः जिसमें एक पुरुष नर की भूमिका मेंं ऊपर दूसरा नारी/स्त्री की भूमिका में नींचे होता है यौनसंबंध क्रियाओं के दौरान ) ।। B बाईसैक्सुअल एक निजी यौनाकांक्षा है निजी यौन अभिरुचि है जो जनसामान्य नहीं होती है । मात्र कुछ स्त्रियों /पुरुषों मेंपाई जाती है जिसमें में वे निचले क्षेत्रों में के आगे के यौनांग से पीछे के मलनिष्काँग से यौन क्रियाओं के द्वारा यौनानन्द प्राप्त करते हैं । ।
T ट्रान्सजैनडर वे लिंग भ्रमित मानव स्त्री /पुरुष हैं जो अपने प्राकृतिक लिंग अवस्था से संतुष्ट /आश्वस्त नहीं हैं कि वे वही स्त्री या पुरुष हैं जो अपने प्राकृतिक रूप में पैदा हुए थे लड़का /नर या लड़की / नारी इनको अपने शरीर के प्रकृति प्रदत्त नर लिंग या नारी लिंग पर विश्वास नहीं होता है ।ये अपने प्राकृतिक लिंग को अपना नहीं मानते हैं ये मानते हैं कि ये वर्तमान लिंग शरीर इनका नहीं है विधाता से गलती हुई है इनके लिए इनके मन के अनुसार दूसरा लिंग शरीर ही इनका असली लिंग शरीर है इसी मनोअवधारणा के होने से नर अपने को नारी के रूप में देखना रहना पसंद करता है वे नारी वस्त्र धारण कर बनाव श्रृंगार कर बनसँवरकर रहते हैं।अपने शरीर की कोमलता नाजुकता नज़ाकत से रहते हैं जो बाद में स्त्रियोचित भावनाओं के बलवान होने पर पहले हार्मोन चिकित्सा पद्धति से अपने में स्त्री गुँण शरीर पर से बाल हटवाया करते हैं फिर सुप्त दुग्ध ग्रन्थियां स्तनों का विकास करवाते हैं जब इनको अपने नारी होने का पूर्ण विश्वास हो जाता है तो तब ये शल्य क्रियाओं/आपरेशन द्वारा नर से अपने को नारी में बदलाव करवा लिया करते हैं। ठीक ऐसा ही कृत्य मानसिक रूप से लड़का और शारीरक यौनिक रूप से लड़कियाँ किया करती हैं पहले चरण में वे बच्ची अवस्था में लड़कों जैसे कपड़े पहनती हैं बड़े होने पर पुरुषों के जैसे परिधान/वस्त्र पहनती हैं पुरूषों के जैसा पेशिय गठित शरीर बनाती हैं और पुरूष भावनाओं के बलवान हो ने पर शल्य चिकित्सक सर्जन से आपरेशन/सर्जरी कराकर बाद में पुरुष में स्वयं को बदलवा लेती हैं ।
। W वरीड /चिंतातुर ये वो स्त्री /पुरुष होते हैं जिन्हें सैक्ससिग्नल यौंन चेष्टाओं की सही समझ नहीं होती इनकी यौनसंबंध विषयक शिकायत ज्यादा होती हैं सामान्य स्त्री / पुरुष और युगल में आपस में प्रेम नहीं झगड़ा बे तुकी बे मतलब की बात पर औरत को पुरुषों शिकायत और आदमी को औरतों से शिकायत सिर्फ इसलिए कि वो औरत है वो आदमी है । ये सिर्फ परिवर्तित वेशभूषा से परिवर्तित व्यवहार से आसानी से भड़क जाते हैं या भ्रमित होकर गलत यौंन सिग्नल भेज कर अक्सर यौंन व्यवहार यौंन क्रीड़ा कर्म में उपहास का पात्र बनते हैं लड़के पुरुष वेशभूषा में लड़की को लड़का समझकर उससे पुरुषोचित व्यवहार करके हानि उठाते हैं इसी तरह से लड़कियाँको भी भ्रम रहता है । यदि इस विषय पर और ज्यादा जाने चाहिए तो मेरे प्रोफाइल पर यौन विकृती ,/यौन नपुंसकता पर प्रश्न भेजें । उसमें LGBTW के अलावा अतिरिक्त सही जानकारी डाल दी जायेगी ।

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