साधारणतः निम्न मंगली दोष विचारणीय नहीं होता । यदि उच्च घर में 1 - 6 तक मंगल उच्च दशा में उत्तम युति श्रेष्ठ ग्रह चंद्र शुक्र गुरु के साथ है विग्रही युति में है ।परंतु निम्न घर 7–12 तक में मंगल नीच दशा में आने पर ग्रह स्थिति अनुसार नीचा प्रभाव हीन पड़ने लगता है जो उत्तम युति में थोड़ा सा प्रभाव हीन होता है परंतु नींच ग्रहों की युति इसके दुष्ट और क्रूर प्रभाव को बढ़ाया करती है । जैसे राहु के सानिध्य में दुष्ट वार्ता कर्म से लड़ाई युद्ध परिस्थितियों को पैदा करके पराजय करा देना ,केतु के सानिध्य में पराक्रम हीन करके पिटवा मरवा देना , शनि सानिध्य में गलत विवेक पैदा करके सीधे सीधे युद्ध परिस्थितियों को पैदा करके सम्मुख विरोधी को निर्दोष होते हुए मारवा कर अपमान अपयश अकारण मिलना या युद्ध भय से विवेक हीन करके जातक को आत्महत्या के विचार बनने से जातक का आत्महत्या करना या जेल में बंद जीवन बिताते हैं।पर 8 वें 12 वें में मंगल दोष उच्च हो या निम्न जातक तो क्या जातक के परिवार को भी अपमान अपयश भोगना पड़ता है ।
मंगल दोष का मेरे विचार से कोई निदान /इलाज नहीं है । यह जीव के दिमाग की नैचुरल सैटिंग है । यदि आप इसका निराकरण करना चाहते हैं तो रत्न राशि ग्रह दोष के चक्कर में ना पड़ें ,हो सके तो मंगल दूषित जातक को समय समय पर श्रेष्ठ उत्तम शिक्षा दिलायें मर्यादा पालन मर्यादा हीनता विवेक अच्छी तरह सिखायें । समस्त लड़ाई झगड़े उपद्रव इसी लाईन से उत्पन्न होते हैं । जातक का जीवन देवता . मर्यादा पुरुषोत्तम राम . को अपनायें और झगड़ालू टंटे खोरा देवताओं के अपनाने पूजन से बचें ।जिससे बुद्धि निर्मल बने । राम नाम का जाप करें फुर्सत के समय और रामपरिवार का रामदरबार का अधिकतम दर्शन करते रहें ।
मेरी पुत्री भी श्रेष्ठ अष्टम भाव से मंगली दोष युक्त है लेकिन रामभक्ति के प्रभाव से मैं स्वयं भी बच जाता हूँ और मेरा परिवार भी बच जाता है सिर्फ और सिर्फ झगड़ा उत्पन्न होने पर मर्यादा पालन और मर्यादा हीनता की अक्सर चर्चा वार्ता विवेचना करते रहने से ।दूसरा मंगल दोष का निराकरण है मंगली जातक की कुंडली अनुसार निम्न मंगली की निम्न श्रेष्ठ मंगली से शादी ,या उच्च मंगली की उच्च श्रेष्ठ मंगली से शादी ।
परंतु किसी भी सूरत में दुष्ट क्रूर मंगली से शादी की सोच मंगली जातक पर मंगली जातक के परिवार पर भयंकर आपदाएं लाता है । परिवार के हित के लिए भले मंगली जातक की शादी उत्तम विजातीय से कर दो ।या फिर क्रूर दुष्ट मंगली जातक अंतरराष्ट्रीय अंतर्जातीय विवाह करे उसका विरोध मत करो । बरहाल हरहाल में मंगली जातक के बुरे प्रभाव से खुद को परिवार को बचाओ ।या फिर बेहतर होगा उसका परिवार त्याग करे लेकिन दुष्ट क्रूर मंगली की आग में परिवार को न झोंके ।
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