क्या आप कुंडली में दोष को मानते हैं?



हाँ कुंडली में दोष है तो उसका उस कुंडली जातक पर असर पाया जाता है मेरी कुंडली में श्रेष्ठ मंगल दोष है तीसरे घर में मंगल के घर बुध युति बन जाने से भ्रात दोष बन गया । मेरे से बड़े भाई बहन और मेरे से छोटे भाई बहन बचपन नहीं देख सके थे ।मेरी पुत्री के अष्टम भाव का मंगल दोष बन जाने से उसकी अपने भाई बहनों से नहीं बनती है ,लड़ाई झगड़ा उच्च स्तरीय करती है भाई बहनों के प्रति उसमें दया प्रेम भाव की कमी है । इतना ही नहीं उसके माथे के बीचोबीच vशेप का आक्रामक वृत्ति झगड़ू स्वभाव मंगल का निशान है ।जो अमेरिका में 2005 में मनुष्य में आक्रामक वृत्ति पर शोध से प्रमाणित होने पर सी.बी.एस. ई. बायोलॉजी की पुस्तक में widow peak villen nature एक अनुवांशिक गुँण के रुप में दर्ज है ।
जातक. की कुंडली यदि काल गणना के अनुसार सही बनी हुई है उस में कालगणना में पाँच मिनट से ज्यादा की त्रुटि नहीं है । तो उसमें वर्णित दोष 60% फलित ज्योतिष शास्त्र का कहना सही साबित होता है यदि ज्योतिषी अनुभव किये है ।100%ज्योतिष कभी भी सही नहीं उतरता है ।15 मिनट से ज्यादा की कालत्रुटि होने पर ज्योतिष फलित कथन गड़बड़ हो जाता है ।15 मिनट के बाद कुंडली में परिवर्तन हो जाता है । एक जमे हुए स्थान पर से ग्रह नक्षत्रों की दृष्टि बदल जाती है । होरा चौघड़िया सब बदल जाते हैं ।मेरे परिचित ज्योतिषी मित्र प्रमोद गोयल जो बुलंदशहर में नक्षत्र ज्योतिष संस्थान के संचालक हैं उन्होंने मुझे कई बार आपके जैसे यही प्रश्न करने पर यह उत्तर बताया है ।

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