6/6दृष्टि का मतलब है आपके दोनों दाँए बाँए नेत्रों की देखने की क्षमता सामान्य है दोनों नेत्र मैडिकली फिट हैं दोनों नेत्रों के देखने का निकटतम बिन्दु 25 सेन्टीमीटर पर है आप प्रत्येक छोटी से छोटी वस्तु को सूक्ष्मता से स्पष्ट देखने में समर्थ हैं ।
आपके नेत्र प्रत्येक छोटी से छोटी सूक्ष्मतम वस्तु /प्राणी पिस्सू भुनगा आदि को 25 से 35 सेन्टीमीटर की दूरी की सीमा में स्पष्ट /साफ देख सकते हैं । और आपके नेत्रों की दृष्टि दर्शन क्षमता दूरस्थ / दूर से देखने की क्षमता अनन्त पर है दृष्टि गत अनुपात के नियमानुसार आप दूर की किसी भी वस्तु को स्पष्टता से देख सकते हैं छोटी वस्तु 1 मीटर बड़ी वस्तु 10 मीटर से साफ देखने में समर्थ हैं दोनों नेत्र ।अर्थात आपके दोनों नेत्रों के अंदर प्राकृतिक रूप से फिट दोनों नेत्रों के लैन्सों की सामन्जस्य /समंजन क्षमता सही /फिट है ।दोनों नेत्रों के लैन्सों में लोच लचक लचीलापन एकदम फिट है । दोनों लैंंस आवश्यकता के अनुसार सिकुड़ कर अपनी फोकस कम करके आपको निकट की वस्तुओं को साफ दिखाने में समर्थ हैं और आवश्यकता के अनुसार फैलकर अपनी फोकस दूरी बढ़ा कर के आपको दूर की वस्तुओं को साफ दिखाने में समर्थ हैं अर्थात आपके नेत्रों की लैंसों को कंट्रोल करने वाली सिलियरी पेशियाँ और पुतली नेत्र द्वारक को कंट्रोल करने वाली सिलियरी पेशियाँ एकदम सही से काम कर रही हैं नेत्र पेशियाँ भी लचीलापन गुँण युक्त हैं ।नेत्र पेशियों में कठोरता नहीं है नेत्र लैंसों में कठोरता नहीं है ।
आयु बढ़ने के साथ शरीर में कठोरता आने लगती है जिसका सबसे पहले असर नैत्रों मे दिखाई देता है पहले चरण में लैन्सों को सिकोड़ने वाली पेशियाँ कठोर होने से नेत्रों के लैंसों के सिकुड़ने की क्षमता कम होने पर नजदीक नजर गिरने लगती है 6से 5 ,5 से 4 ..और आगे भी जिसको प्लस 1,२ ३..गिरना कहते हैं जब सिकुड़ने की क्षमता रुक जाती है तो फैलने की क्षमता कम होने से दूर की नजर गिरने लगती है जिसको माईनस 123..गिरना कहते हैं ।कभी एक नजर गिरती है तो कभी दूसरी गिरती हैं कभी दोनों एक साथ गिरने लगती हैं जिसमें नेत्र लैन्सों के विकार के साथ साथ नेत्र पुतली /नेत्र द्वारक की पेशियाँ नियंत्रण की क्षमता कम होने से नेत्र पुतली /द्वारक बड़ा होने लगता है नेत्रों में आवश्यकता से अधिक प्रकाश जाने से आँखों में चमक लगने लगती है जिसे मोतियाबिंद कहते हैं काला लाईलाज है सफेद का ईलाज होता है ।जिसमें नेत्र के काले गोले में नीलीसफेद गंदगी नजर आता है जो आपरेशन से हटाकर मोतियाबिंद दूर किया जाता है ।
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