लोग दो बच्चों को एक लड़का और एक लड़की रखना क्यों पसंद करते हैं?

श्री के. शर्मांं जी लोगों को दो बच्चों में से एक लड़का एक लड़की पसंद करनेवालों में से पहला तर्क यह है कि वे समझदारी से सरकारी नियम को समझ गए हैं ,हम दो हमारे दो इस नियम के पालन/मानने से भारत की जनसंख्या / परिवार की जनसंख्या वृद्धि रूककर स्थिर हो जायेगी जिससे परिवार में भविष्य की आने वाली पीढ़ियों तक संतान को रहने को पर्याप्त जमीन की समस्या नहीं होगी ,जिससे जमीन की कमी से उत्पन्न होने वाली कलह राड़, लड़ाई झगड़ों की सम्भावना नहीं होगी /जीवन यापन में पर्याप्त सुविधा रहेंगी ।
अब दूसरा तर्क ःःलड़ाई झगड़े संघर्ष आक्रमण करने का जीनिक गुँण लड़को मेंं प्राकृतिक स्वभाव से होता है आप छोटे छोटे बच्चों में लड़को को ध्यान से देखना लड़के अकारण अचानक लड़ने ,लड़ाई का कारण छीन झपट्टा करते हुए दूसरे बच्चों से भिड़ने लगते हैं । जबकि लड़कियों में आक्रमण करने का नहीं अपनी रक्षा करने का प्राकृतिक गुण होता है, लड़कियाँ लड़ाई झगड़ा संघर्ष पसंद नहीं करती हैं इनमें मिलने मैत्री करने सुख शान्ति से रहने का गुँण होता है इसे आप विवाह शादी समारोह के समय देख सकते हैं कि कैसे कम से कम जगह एक कमरे में कितनी लड़कियाँ /स्त्रियाँ रह लेती हैं उतनी जगह में उतने आदमी /लड़के रख कर रात्रि व्यतीत करके देख लेना यदि अर्धरात्रि से पहले बढ़िया क्वालिटी का झगड़ा ना हो जाये तब बताना ।
ऐसे में यदि परिवार में दोनों लड़के होंगे तो उनमें झगड़ा जरूर होगा या वे दूसरे लोगों से परिवार वालों से पड़ोसियों से झगड़ा करके माता पिता की शान्ति भंग करेंगे ।और आगे भविष्य के झगड़े उन दोनों के परिवारों और भयंकर होंगे।हो सकता है एक लड़के को मकान छोड़ कर अपने सपरिवार स्थान पलायन करना पड़े ।और यदि कोईसा भीआर्थिक रूप से समर्थ सम्पन्न समृद्ध ना हुआ और दोनों को एक मकान में रहने को विवश होना पड़ता है तो मकान में माबाप के जीते जी विभाजक दीवार परिधी लगानी होगी जो उन माबाप को कतई बर्दाश्त/अच्छा नही लगेगा ।जिन्होंने मकान अपनी सहूलियत अनुसार सुख से रहने को बनाया था उसी अपने बने मकान में संतान की विभाजक दीवार को देखकर दुख होता है ।
यदि परिवार में दोनों लड़कियाँ हैं तो संभावना इस बात की ज्यादा है कि दोनों अपने पैतृक घर को छोड़कर सभी अपने घर चली जायेंगी माँबाप के जीते जी तो क्या उनके मरने के बाद भी वे मकान अपने किसी कुल परिवार के ऐसे व्यक्ति को देंगी जो उसके भौतिक स्वरूप को ना बिगाड़े ।और वे किसी भी समय पैतृक घर आकर अपने बचपन की यादों को नया कर सकें । और यदि उन दोनों पुत्रियों ने घर बेका भी तो माँबाप के मरने के बाद बेकेंगी पर प्यार से बेकेंगी ।
अब आपका विकल्प अन्त में , यदि परिवार में एक लड़का और एक लड़की है तो पहले नं०उन दोनों लड़का लड़की के बीच झगड़ा होने की संभावना कम है नर जीव नारी जीव एक दूसरे के पास/निकट होते हैं तो उनके बीच में झगड़ा नहीं होगा एक दूसरे के लिंगीय हार्मोन एक दूसरे को शान्त रखेंगे ।यह प्रकृति का नियम है ।नर नारी जीव के बीच संघर्ष की संभावना बहुत कम होती है ।नरजीव नारी जीव , यदि वे भाई बहिन हैं तो उनमें वो लड़ाई नहीं होगी जो दो भाईयों के बीच वर्चस्व साबित करने को अक्सर होती रहती है ।जिनका बीच बचाव करने में दखलअंदाजी करने में शारीरक चोट लगने के डर से सभी परिवार वाले ,पड़ोसी बचते हैं ।बहन भाई के बीच घातक मारक लड़ाई कभी नहीं होती है ।
शादी बाद लड़की अपने पैतृक घर को भाई को छोडकर अपने नये घर चली जायेगी और लड़कि रह जायेगा अपने पैतृक घर अपने माँबाप के पास ऐसे में उन लोगों का वही घर बना रहेगा बिना कोई बिभाजक लगे ।अपने सपनों का घर अपने मरते दम तक सुरक्षित ,कोई तोड़ फोड़ नहीं होगी ।अधिकतम मानसिक शान्ति के साथ जीवन बीतेगा ।
एक लड़का एक लड़की होने पर ।

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