ब्लड ग्रुप , नाड़ी ,बी एम आर (शरीर की मंद दहन आक्सीकरण दर ) जिसके आधार पर जातक की जीवन अवधि का अनुमान लगाया जाता है , जिसके समान एक जैसा होने पर संतान हीनता दोष बनता है आसमान को अच्छा माना जाता है। नाड़ी तीन तरह की होती हैं ।
आदि नाड़ी के जातक के शरीर का आक्सीकरण तेज होने से ये अपनी वास्तविक आयु से ज्यादा जंचते हैं । इनका दिमाग अधिक सक्रिय होता है शरीर की तुलना में, ये अधिकतर बुद्धिमानहोते हैं। विशेष कल्पनाशील , विवेकी समय से पहले समय का पूर्वानुमान लगानेवाले ।
मध्य नाड़ी के जातक के शरीर का आक्सीकरण सामान्य होने से ये अपनी वास्तविक आयु के अनुसार सही जंचते हैं । इनका दिमाग और शरीर दोनों ताल मेल बिठा कर सम्यक पद्यति से चलते हैं । ये सामान्य श्रेणी के जातक होते हैं ।
अन्तय नाड़ी के जातक शरीर का आक्सीकरण दर मंद होने से ये सदैव अपनी वास्तविक आयु से कम जंचते हैं इनका दिमाग मंदा शरीर तेज चलता है ।इनकी समझ धीरे-धीरे काम करती है शरीर तेजी से काम करता है जिससे ये हर काम में जल्दी मचाने वाले जल्दबाज काम के दौरान अधिक गलती करने वाले , बाइपोलर डिस्आर्डर गुंण ग्रस्त होते हैं ।
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