सामान्यतः विवाह के कितने वर्ष पश्चात संतान जन्म करना चाहिए?

विवाह से कितने वर्ष बाद संतान पैदा करनी चाहिए इसके बारे में मैं आपको महर्षि दयानंद सरस्वती का सत्यार्थ प्रकाश पढ़ने की सलाह दूँगा ग्रहस्त्थ धर्म स्थापना के विवाह प्रकरण में इसका सही उत्तर दर्ज है जो अनुवांशिकी पितर विद्या के नियम अनुसार ह ।
संतान पैदा करने के परिपेक्ष्य में आपके पास बच्चे के अवतार से पहले अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार सरकारी अस्पताल !प्राईवेट अस्पताल में डिलीवरी का खर्च बच्चे के घर आने पर बच्चा बच्चे की माँ का खर्च, मित्र मंडली को खुश करने का खर्च, और यदि आप संयुक्त परिवार में रहते हैं तो कुल को ,भाईबिरादरी को खुश करने का खर्च जसोटन,नामकरण,कुँआ पूजन के समय का खर्च आपकी जेब में होना चाहिए यदि यदि उचित खर्च आपकी जेब में नहीं हुआ तो समझ लेना खुशी के मौके पर खुशी कम जलालत ज्यादा भूगतनी पड़ेगी । गरीबी में बच्चा पैदा करने का अपराध बोध /आत्मग्लानि ज्यादा होगी ।हो सकता है आप एक बच्चा पैदा करने के बाद दूसरे बच्चे को पैदा करना तो दूर अपने घर में दूसरे बच्चे के पैदा होने का सपना भी न देख सकोगे यदि गुरबत में बच्चा पैदा हुआ तो ।बाकी आपके परिवार के सहयोग पर निर्भर करता है कि वो कितने सामाजिक वंशवादी हैं जो आपको गुरबत में सहयोग करेंगे ।
इसका मुझे बहुत कड़ुआ अनुभव है । अपना भी और अपनी बेटी का भी , लोग मुझे अब तक भी तहाने /व्यंग्य देते हैं । क्योंकि मैं किसी को भी बच्चा पैदा होने के बाद खुश नहीं कर सका था । भाई शिक्षित हो गुरबत में हो बेरोजगार हो तो बच्चा पैदा करना तो दूर अपने घर में बच्चे पैदा होने का सपना मत देखना।विवाह के बाद।
अमीर /धनी का बच्चा उसके अपने लिए पैदा होता है ,कुल समाज पर शासन /हकूमत करने को पैदा होता है । जबकि
गरीब का बच्चा उसके अपने लिए पैदा नहीं होता है वह पैदा होता है जमाने भर के लोगों की खिदमत /सेवा करने के लिए शरीर अंग व्यापार के लिए , कभी भी अपने परिवार के कुल के लिए कभी सही समय पर काम नहीं आता , खुशी का मौका हो य रंज /दुख का मौका हो ।। गरीब का बेटा न अपनी खुशी की सोचता है न अपने परिवार की खुशी की सोचता है उसे तो फिकर है नौंकरी के दौरान साहब को खुश करने की या नौकरी दाता मालिक को खुश करने की उस गरीब के बेटे की खुशी का रिमोट कंट्रोल रूम साहब का दफ्तर या सेठजी का काम होता है ।

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