पीठ का दर्द संभोगरत अवस्था में कमर का कम से कम मूवमेंट करने से या संभोग स्तर कम करने से, कम होने से लेकर खत्म तक हो जाता है ।,वायु प्रधान भोजन का परहेज करें कमर को ठंड से बचायेंं कमर को पूरे वस्त्र से ढककर रहें । ,गरदन का दर्द बैठने चलने के दौरान लगातार तनाव दबाव बने रहने से होता है गरदन को तनाव दबाव के अधिक श्रम से बचाओ ,गरदन में दर्द होने की अवस्था में आराम दायक अवस्था में लेटकर आराम दें ।
यह वायु रोग शरीर में गर्मी का स्तर मानक से कम होने पर कैल्शियम की कमी से होते हैं इसके लिए गर्म तासीर का भोजन मेथी ,मूंग कुल्थी दाल काली मिर्च बादाम कजू मखाने ,दूध अदरक सोंठ का सेवन करें । उग्र रोग की अवस्था में महारास्नादि काढ़ा को महायोगराज गूगुल वृहत के साथ सेवन करें ।वीर्यपात ,रजस्राव से बचें । संभोग का रोग अवस्था में ,चिकित्सा के दौरान निषेध है ।
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