क्या विवाह के लिए कुंडली में नाड़ी दोष गलत है?



जी हाँ
विवाह के लिए कुंडली में नाड़ी दोष विचारणीय है इसकी अन देखी नहीं करनी चाहिए । तीन तरह के नाड़ी दोष कहे हैं ज्योतिष शास्त्र में आदि ,मध्य ,अन्तय जिसका अर्थ वर्तमान में मनुष्य के शरीर की आक्सीकरण दर , मनुष्य के शरीर में तापमान उत्पादन दर या बी.एम.आर.(बेसल मेटाबॉलिक रेट ) को कहते हैं ।
आदि नाड़ी के लोग अपनी वास्तविक आयु से ज्यादा जँचते हैं उच्च आक्सीकरण दर से । । मध्य नाड़ी के लोग वास्तविक आयु के अनुसार जँचते हैं सामान्य आक्सीकरण दर से । । अन्तय नाड़ी के लोग अपनी वास्तविक आयु से कम जँचते हैं निम्न /लो आक्सीकरण दर से ।
शादी के समय यह विचार किया जाता है कि दोनों स्त्री और पुरुष समान नाड़ी के न हों । जोड़ा असमान हो दोनों की आयु में कम ज्यादा का अंतर जँचता हो यदि उन दोनों की नाड़ी समान होती है दोनों समान आयु के जँचते हैं तो दोनों मेंनाड़ी दोष का विकार उत्पन्न हो जाता है जो संतान उत्पन्न होने में बाधक बनता है ।अर्थात समान नाड़ी दोनों की होने पर दोनों को संतान सुख प्राप्ती आसानी से नहीं होती है यदि वे समान नाड़ी युग्ल हैं जैसे दोनों की नाड़ी आदि आदि है या मध्य मध्य है या अन्तय अन्तय है ।वर्तमान समय में बढ़ती आबादी में नाड़ियाँ आसानी से मिल जाती हैं जिससे नाड़ी दोष आसानी से बन जाता है शादियाँ बनने से पहले टूट जाती हैं सिर्फ नाड़ी दोष के कारण ।
मैं अपनी बड़ी बेटी की शादी में इस नाड़ी दोष के कारण बहुत परेशान हुआ । तब मेरे एक ज्योतिष मित्र ने मुझे इसका आसान हल बताया जो आधुनिक विज्ञान के अनुवांशिक के ब्लड ग्रुप के पाठ में वर्णित आर एच फैक्टर निर्धारित है ।जो मैडिकली आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से प्रमाणित है ।
इस आधुनिक नाड़ी नियम /ब्लड ग्रुप के अनुसार दो समान ब्लड ग्रुप मेंं शादी नहीं होनी चाहिए जैसे A &A , B &B , O &O , AB & AB .यदि मजबूरी आजाय अच्छा रिश्ता नहीं मिल रहा है तब ऐसी विचित्र परिस्थिति में रिश्ता समान ब्लड ग्रुप में भले ही मजबूरी वश करना पड़़े । तब Rh फैक्टर + - में से दोनों ही का समान Rh factor ++ / — — समान होना चाहिए जैसे A + A + होना चाहिए । परन्तु A+A- नहीं होना चाहिए आपत्ति काल में भी । ईसी प्रकार दूसरे ब्लड ग्रुप केस में B+B+होना चाहिये परन्तु B+B- नहीं होना चाहिए इमरजेंसी /आपत्ति काल में भी नहीं ।यही नियम ब्लड ग्रुप AB +AB+ के O +O +के केस में मान्य है ।बस फिर क्या था मेरे मित्र प्रमोद ज्योतिषी ने मुझे जो नाड़ी दोष खत्म का फार्मूला बताया जो मेरे डॉक्टर मित्रों ने पुष्टि किया । विशेष जानकारी के लिए इसे आप उत्तर प्रदेश में यू.पी.बोर्ड में स्वीकृत डा०रमेश गुप्ता की जन्तु विज्ञान की किताब से विस्तार में पढ़ सकते हैं ।जो गर्भ में भ्रूण मृत्यु के प्रकरण में वर्णित है वहाँ से आप पढ़ सकते हैं ।
मेरी नाड़ी दोष की समस्या इस नये आधुनिक नियम से हल हो गई तो मैं आपको भी यही सलाह दूँगा कि नाड़ी दोष का नया नियम अपनाओ यदि पुराने नियम से नाड़ी दोष समस्या पैदा हो गई है पुत्र पुत्री के विवाह प्रस्ताव/शादी में । बाकी नाड़ी दोष दहेज समस्या का निरकरण नहीं है । यदि दहेज को लेकर नाड़ी दोष निकाला /बताया जाता है तो भलाई नाड़ी दोष के मानलेने में है । नाड़ी दोष का पाठ दहेज प्रेमी दहेज प्रथा लोभियों को मेरा यह लैकचर न दिखायें /न सुनायें यह मैंने अपना नाड़ी दोष समस्या समाधान लिखा है ।स्वीकार करने का विकल्प आपका है ।आप मेरी सलाह मानने को बाध्य नहीं है ।

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