आप के सवाल के दो पक्ष हैं चुनाव आपको करना है::—
अनुवांशिक विज्ञान पितर विद्या /ज्योतिष की गुण विधा के अनुसार के पहले यदि आपकी मौसी और आपकी मम्मी की शरीर ड्राफ्टिंग लगभग एक समान है वो दोनों माँजाई बहनें हैं तो उनके जीनबेस संरचना गुणसूत्र/क्रोमोसोम बिल्कुल एक जैसी समान है तो उनका ऊर्जा स्तर समान है चाहे उनके चेहरे और शरीर की आकृति आकर में फर्क हो । ऐसे में अनुवांशिक विज्ञान के जीन पूल मिक्सिंग नियम के अनुसार आपमें और आपकी मौसी की लड़की के बीच में प्रेम बंध /आकर्षण कम होना चाहिए कारण माँजाई बहन कितनी ही सुन्दर क्यों न हो ,सन्नो वर्णा ही क्यों न हो उस पर समान जीन संरचना के कारण भाई का दिल इतना नहीं उतरता /भाई इतना प्रेमासक्त प्रेमाँन्ध नहीं होता है कि उससे यौनसंबंध बना ले ।
इस बात को महर्षि दयानंद सरस्वती ने सत्यार्थ प्रकाश में विवाह सर्ग सम्मुलास में लिखा है जो जैनैटिक्स विज्ञान के जीन मिकसिंग प्रकरण में लिखा है और जीव विकास के सर्ग में प्रकृति में जीवों की जाति स्थिरता के लिए ,जाति विलगन निर्धारण पाठ में species isolationism में लिखा है ::— जिसमें घोड़े और घोड़ी के मिलने से घोड़े या घोड़ी पैदा होते हैं ।।और घोड़ा घोड़ी समान दूसरी जाति सुन्दर बलिष्ठ गधा /गधी के मिलने से नपुंसक खिच्चर पैदा होते हैं ।। अर्थात प्रकृति भी यही चाहती है कि जाति की शुद्धता को निरंतर बनाए रखने के लिए एक ही जाति के दो नर मादाओं से संतान पैदा होनी चाहिए ।
यदि दो अलग अलग जाति के नर नारी/मादा जीव काम sex pressures के वेग में उन्मत्त होकर जानबूझकर या अनजाने में या मजबूरी वश यौनसंबंध बनाने में कामयाब हो जाते हैं तो उनके अवैधानिक संबंधों के दबाव में बनी उत्पन्न हुई संतान उत्पत्ति पर तीन नियम लागू होते हैं 1, दोनों अवैध नर नारी जीवों के यौनसंबंध बना लेने के बाद भी युग्मक मिलन निषेचन नहीं होता है परिणाम गर्भाधान निरस्त /कैंसिल । 2 यदि दोनों अवैध नर नारी जीवों के यौनसंबंध बना लेने के बाद भी युग्मक मिलन /निषेचन हो जाता है गर्भ ठहर जाता है तो गर्भावस्था में ही गर्भस्थ शिशु यौनक्षमता हीन नपुंसक खच्चर बनकर पैदा होता है बंश बेल खत्म ।ऐसी नस्ल आगे नहीं चलनी चाहिए । ISOLATION Completed । 3 यदि दोनों अवैध नर नारी जीव के यौनसंबंध के परिणाम स्वरूप सपुंसक नर या नारी जीव पैदा होगा तो वह संकर /मिश्रित गुणों वाला खतरनाक पैदा होता है जिसके जननांग सामान्य से छोटे या सामान्य से बड़े होते हैं जो पितर कुल और मातृ कुल जाति से मेल नहीं खाते जिससे वह पितृ कुल जाति और मातृ कुल जाति को यौनसंबंध बनाने के दौरान पीड़ित करता है या पितृ कुल जाति और मातृ कुल जाति के समरूप सदस्यों से पीड़ित /परेशान /दुखी होता / होती है । नतीजा मजा दायक कर्म की पीड़ा दायक समस्या ।
अब दूसरा विकल्प ::——
यदि आपको आपकी मौसी की लड़की भा गयी है अच्छी लग रही है आपके और आपकी मौसी की लड़की के बीच प्रबल यौनाकर्षण है आप उससे प्यार करने लगे हैं ,आप अपनी मौसी की लड़की को अपने भविष्य की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं तो आपने अपनी समस्या /अपना सवाल लेखक मंडल के समक्ष प्रस्तुत करके आप अपने कुल परिवार जाति समाज से कपट /छल कर रहे हैं । सच तो यह है कि कहीं न कहीं रक्त संबंधों में गड़बड़ी हुई है ।मैंने जितने भी ऐसे केस देखे /पढ़े हैं उनमें भाई या बहिन रक्त संबंधों में से बाहर के निकले हैं मसलन भाई या बहिन दूसरे कुल के निकले हैं जैसे कोई सा भी गोद लिया गया हो ,अनाथाश्रम से आया हो या फिर तीसरा अन्तिम विकल्प बच्चा येन केन प्रकरणेन हासिल किया गया हो ,इसमें बच्चे की माँ या बाप दूसरा हो इसकी पुष्टि डी. एन . ए . टैस्ट से 100% और ब्लड ग्रुप मैचिंग से 50% तकसंभावना में हो सकती है ।
दूसरे विकल्प की पुष्टि के पश्चात यदि आपका ब्लड ग्रुप आपके मौसेरे भाई बहनों में से किसी से भी नहीं मिल रहा है ,विशेष कर आपकी मौसेरी बहन से नहीं मिल रहा है तो प्रेमाकर्षण के वशीभूत होकर प्रेमाँन्ध होते हुए आप अपनी बाहरी रक्त वाली बहन से शादी कर सकते हैं ।
लेकिन ध्यान रहे यदि आपकी मौसेरी बहन रक्त संबंध वाली हुई तो आपके सामने तो जो परिवारिक सामाजिक जातिक धार्मिक समस्याएँ आयेंगी उनको लिखना अपना समय लेख लेखन में खराब करना है ।हाँ आपके बच्चों के सामने भविष्य में जो समस्याएं अनुवांशिकता नियम उनमूलन से आयेंगी उनका आपको भान /अहसास कराये देता हूँ ।सभी जीवों की जातियों में अनुवांशिक विकृति के रोग होते हैं जिनका इलाज संभव नहीं है , जो सम युग्मकता एक कुल के भाई बहन के यौनसंबंध /शादी विवाह के परिणाम स्वरूप संतान में होमोजाईगोस्टी के कारण उनकी संतान में आ जाते हैं अर्थात अनुवांशिक रोग लेकर संतान पैदा होती है जैसे थैलसीमिया, मस्कुलर डिसट्रोफी , सिकिल सैल एनिमिया , हीमोफीलिया ,वर्ण अंधता /कलर ब्लाईंड नैस , भैंगापन ,हन्टिंग्डन्स कोरिआ,डिस्प्रोक्सिआ आदि अनेक अनुवांशिक रोग हैं जो अनजाने में गलत सामाजिक परिवारिक शादी संबंधों से संतान में आते हैं ।
ऐसे पंगेबाजी के काम करना समझदारी नहीं है ।
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