जी हाॅं
लगभग १९७९ की बात है मेरे पड़ोस में एक परिवार में स्वर्ण आभूषणों की चोरी हुई चोरी करने का शक साले की पत्नी/भाभी पर गया । जिन दो बहनों के शामिलात में गहने चोरी हुए थे वे दोनों बहनें टुटकहारी /टोने टोटकेबाज थी । ंंंं दोनों बहनों ने पहले भाई को हड़काया /धमकाया फिर भाभी को धमकाया और चेतावनी दी कि हमारे गहने हमारे पास आठ दिन के अंदर आ जांय नहीं तो दस दिन बाद हमें दोष मत देना कि हमें ऐसा बुरा नतीजा मिलेगा हमको दोष मत देना हम माता रानी के दरबार में हाजिरी बोल देंगी ।उनकी बात पर /धमकी पर किसी ने विश्वास नहीं किया ।
दस दिन बाद वे अपने टोने टोटके में लग गयीं । वे दोनों बहन सूर्योदय के समय मुंह पल्ला लेकर लगभग आधा घंटा रोजाना नियम बांधकर बिना नागा रोती रहती ंं । मैंने एक दिन अपनी अम्मा से पूछा कि अम्मा ये सुबह सबेरे दोनों बहन सूरज की ओर मुंह पल्ला झाड़ा लेकर क्यों रोती है ?, इनको इनके घरवाले क्यों नहीं रोकते हैं ये सबेरे सबेरे शुभ मुहूर्त में प्रातःकाल में क्योंरोती है ? तब मेरी मां ने मुझे चेतावनी देकर समझाया बेटा ये दोनों टुटकहारी है किसी पर टोना टोटका कर रही हैं इनको तुम मत रोकना टोकना नहीं तो , जिस पर ये टोना-टोटका कर रही हैं वह तुम पर उतर आयेगा और हमें समस्या हो जायेगी । लगभग आठ दिन बाद वे एक दिन दोपहर बाद शाम से पहले फिर रोने लगी ंं उनके इस असमय रोने पर जब रोने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि आज दिन में दोपहर पहले उनके भाई का बेटा मर गया है ।
इससे बाद में उन भाई बहनों के संबंध/रिश्तेदारी खराब हो गई जो अब तक भी सामान्य नहीं हो सकी हैं । अब उनके बच्चों में वैर वैमनस्य चल रहा है उन गहनों को लेकर ।
मेरा टोने टोटकों में पूरा विश्वास है यदि टोना-टोटका करने वाला तंत्र मंत्र विद्या विधी विधान से पढ़ा हो उसने तंत्र मंत्र यंत्र को सिद्ध किया हो वह विशेष तांत्रिक क्षमता युक्त हो । आजकल तंत्र मंत्र विद्या का दिखावा/पाखंड ज्यादा है लोग तांत्रिक से डरते हैं जबकि उल्लेखनीय तथ्य यह है कि तंत्र मंत्र यंत्र सदैव कमजोर मानसिक शक्ति वाले लोगों पर चलते हैं । प्रबल मन शक्ति वालों पर तंत्र मंत्र यंत्र शक्ति का प्रभाव नहीं पड़ता है या कम पड़ता है ।
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