ड्राइवर यात्रियों से भरी हुई बस को चलाकर गंतव्य स्थान पर ले जाया करता है ।
इसी प्रकार से ःःटीचर छात्रों से भरी क्लास को उनकी वार्षिक परीक्षा रिपोर्ट के आधार पर अगली क्लास में ले जाया करते हैं । और ये उत्तीर्ण /पास /प्रोमोटिड छात्र घर ,परिवार, समाज को आगे ले जाया करते हैं । टीचर/शिक्षक का कार्य समाज का संचालन करना होता है। अतः टीचर समाज का ड्राइवर है ।
शब्द की महिमा और प्रभाव के अनुसार एक भाव दो या अनेक प्रकार के शब्दों से व्यक्त किया जाता है जैसे शिक्षित संस्कारित करनेवाला शिक्षक/टीचर/ड्राइवर कहा जाता है।लेकिन भाव विधान के अनुसार शिक्षक सम्मानित है जल्दी से समझ में आश्य /भाव समझ जाते हैं सभी लेकिन टीचर अंग्रेजी भाषा शब्द होने से देर में और ड्राइवर गवंडिया /भदेषीय शब्द होने से तुलनात्मक रूप से देरी से समझ में आता है । ःः मेरे हिसाब से इसका अर्थ अतिथि शिक्षक /गैस्ट टीचर होता है जो समाज विद्यालय की आवश्यकता अनुसार कभी भी कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकता है ड्राइवर की तरह किसी बस से किसी बस पर आपात काल में यात्रियों/छात्रों की आवश्यक माँग/डिमांड को देखते हुए ।ऐसे में वर्तमान में जो नये शिक्षक विद्यालय की मांग के अनुसार बिना पात्रता परीक्षा दिए बिना , शासकीय मानदंडों के अपनाये :s s c स्टाफ सलैक्शन कमीशन की नियुक्ति के बिना , विभागीय अधिकारियों की अनुमति से नियुक्त/भर्ती शिक्षक के लिए शायद आसाम में अतिथि शिक्षकों के स्थान पर ड्राइवर शिक्षक शब्द का प्रयोग किया गया है ।
खैर शिक्षण कार्य को संपन्न कराने वाला शिक्षक है या टीचर है या ड्राइवर है उसका कार्य/ड्यूटी है समाज के पूर्व नागरक /शिक्षित जन छात्रों की बस / कक्षा या क्लास को चलाना है ।
लेकिन सरकार और सरकारी नीतियों के निर्देशक IAS के अत्यधिक हस्तक्षेप के कारण शिक्षक/ टीचर / ड्राइवर का समाज बस को चलाने वाला हैंडिल टाइट कर देने से (सरकारी नीतियों का सख्ती से पालन करना उसकी नैतिक जिम्मेदारी है जिससे वे स्वतंत्रता पूर्वक अपना शिक्षण कार्य न कर पाने पर) …और समाज बस की चाल में चाल नियंत्रणक /स्पीड गवर्नर लग जाने से समाजबस की चाल समाज के लोगों के अनुसार नहीं चल पा रही है ।
सब को शिकवा शिकायत समाज बस के ड्राइवर टीचर से हो रही है किसी को भी टीचर की मजबूरी ःः समाज बस का टाईट हैंडिल (सरकारी नीतियों नियमों का सख्ती से पालन करना) और समाज बस में सरकारी नीतियों का लगा चाल नियंत्रक /स्पीड गवर्नर ( सरकारी नीति निर्देशक IAS का हस्तक्षेप ) नहीं दिखाई देता है ।और समाज में टीचर की छवि /इमेज एक खराब अनपढ़ ड्राइवर लर्नर ( L ) की बन गई है ( जो समाज को चलाता /सिखाता कम.ह. और समाज से खुद सीखता / चलता ज्यादा है ) समाज की बस अपने आप चली जा रही है ।बस , समाज बस के यात्री हिचकोले खा रहे हैं । और गाली/अपशब्द समाज बस के ड्राइवर/टीचर को दे रहे हैं ।क्योंकि लोगों को बस ड्राइवर टीचर ही दिखाई देता है राष्ट्र निर्माता भाग्य विधाता ,।ःःजबकि समाज बस का टाईट हैंडिल (सरकारी नीतियों का सख्ती से पालन ) और समाज बस में लगा चाल नियंत्रक/स्पीड गवर्नर (सरकार का दिशानिर्देशक समाज बस चलाने में IAS का महत्वपूर्ण स्थान) समाज के लोगों को नहीं दिखाई देते हैं ।
अतः असमियाँ शिक्षक लोगों से मेरा निवेदन है कि वह अपने नाम के बाद/पीछे से कम सम्मान सूचक ड्राइवर शब्द को हटा दें और सम्मान सूचक शिक्षक / टीचर शब्द का उपयोग किया करें अन्यथा ड्राइवर बनने से समाज बस के यात्रियों के कोप /क्रोध का पात्र बनने को तैयार रहेंं । ( शब्दके महिमा बल प्रभाव को देखते हुए ) अभी तक तो सरकार की शिक्षकों/टीचर्स पर कृपालु नजर है । लेकिन शिक्षकों/ टीचर्स के ड्राइवर बनते ही यह सुविधा अब बंद होने जा रही है वो दिन दूर नहीं है जब शिक्षक को समाज ड्राइवर समझने के भ्रम अपराध में गाली गलौज करना समाजिक जन अभिवावकों नेता गणों का कर्म और शिक्षक को विद्यालय में पीटना ,मारना पुण्य कार्य (धर्म ) समझा जायेगा ।
अतः इतनी बड़ी शिक्षण जिम्मेदारी को देखते हुए सुझाव /विनती है कि नाम शिक्षक पद शब्द के स्थान पर अपने नाम के बाद में कम सम्मान सूचक शब्द ड्राइवर न लगायें तो अच्छा है । ब्ल्कि सम्मान सूचक शिक्षक/टीचर शब्द का प्रयोग किया करें यह उनके हित में ज्यादा है ।वे भी देश के अन्य शिक्षकों की भाँति अपने नाम के पीछे /बाद में शिक्षक/टीचर शब्द को लिखें ।
No comments:
Post a Comment