क्या 2D और 3D की तरह 4D भी सम्भव है?


जी हां संभव है यदि नेत्रों की पारदर्शिता बढ़ा दी जाए या प्राकृतिक रूप से बढ़ जाए ऐसे लोग टेलीपैथी विज़नरस कहे जाते हैं जो 4 D या गुप्त अवस्था को भी देखने में समर्थ होते हैं ।

इसके अलावा इसके लिए जो लोग यह जो वस्तु आप देखना चाहते हैं उसके रिफ्रैक्टिव इंडेक्स वैल्यू 1 से कम होनी चाहिए जिससे उसके और दूसरी ओर देखा जा सके इसे हम पानी से समझ सकते हैं पानी का रिफरैक्टिव index / परावर्तन गुणांक 1.3 है ,पारदर्शी कांच का रिफरैक्टिव इंडैक्स /अपवर्तनाँक 1.5 है । अर्धपार्दशी काँच का अपवर्तनांक 1.5 से अधिक होता है। 3 से अधिक अपवर्तनाँक होने पर पारदर्शिता समाप्त हो जाती है ।

जिससे हम काँच में पानी में दूसरी और देखने में समर्थ होते हैं और वायु में भी दूसरी ओर देखने में समर्थ हो जाते हैं लेकिन वस्तुओं के ठोस होने पर उनके रिफ्रैक्टिव इंडेक्स का मान बढ़ता चला जाता है और जो पूर्णतया ठोस होने पर पूर्ण परावर्तन होने के कारण 3D में बदल जाता है और हमको 3डी के आगे दिखाई नहीं देता कोशिश कीजिए आंखों की क्षमता बढ़ाइए टेलीपैथी विजनर्स बनिए आपको 4D भी दिखाई देने लगेगा ।

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