किताब पढ़ने का का विकल्प सही है अधिकांश लोगों ने जो भी किताब लिखते हैं ।उनका मानसिक ,बौद्धिक स्तर उच्च कोटि का होता है । जबकि आमतौर पर जो ऑडियो बुक्स हैं उन लोगों का बौद्धिक मानसिक स्तर सामान्य कोटि का होता है । आमतौर पर लोग जो भी पढ़ते हैं पढ़ने के बाद उनके विचार शब्द के रूप में स्थिर स्थाई चिरस्थायी होजाते हैं । जिससे वे अप्रिय अशुद्ध शब्द है आदेश होने पर आसानी से दूसरों की पकड़ में आ जाते हैं और ऐसे लोग गलत किताब लिखने पर तरह-तरह की संवैधानिक मानवीय धाराओं में अपराधी बन जाते हैं । ऐसी में लोग बहुत सोच समझकर मौलिक अर्जित चिंतन करके ही किताब लिखने का साहस जुटा पाते हैं ।
जबकि कोई भी साधारण का मनुष्य ऑडियोबुक्स बड़े आसानी से बना कर लांच कर देता है कारण कि उसे हर कोई पढ़ता नहीं और सुनील शब्द में से बहुत कम शब्दों को लोग समझ पाते हैं तो लोगों के दिमाग में भी नहीं पल्ले पड़ता कि उन्होंने क्या सुना ? तो ऐसे में मर्जी आपकी विकल्प आपका कि विकास के लिए आप पुस्तकों के विकल्प का अध्ययन करेंगे या आनंद के लिए पुस्तकों और ऑडियो विकल्प का उपयोग करेंगे ।
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