अच्छा तो यह होता कि आप को नौ (9) शीर्ष कारण क्या हैं ? वे नहीं लिखे हैं इससे मुझे आपके वांछित जबाब को लिखने में सुविधा होती । आपके प्रश्न का अन्तिम भाग :- किशोर प्रजनन क्षमता खो रहे हैं ——यह लाईन भी प्रश्न की सार्वजनिक विश्व स्तरीय समस्या को कम कर रही है । यह किसी मानव प्रजाति की क्षेत्रीय समाज की समस्या नहीं ह अपितु समस्त प्राणियों की विश्व स्तरीय समस्या है । इसका मुख्य कारण है मनुष्यों में गलत शिक्षा और अन्य प्राणियों में तथा मनुष्य में गलत भोजन से उत्पन्न पोषण समस्या तथा बढ़ती हुई मानव आबादी के कारण प्रकृति नियंता की ईश्वर की सृष्टि सृजन निर्माण समस्या जिसमें भगवान भी वित्तीय नियम की चपेट में आ गया है । ईशा फांउडेशन संचालक जग्गी वासुदेव के अनुसार जब बाजार में किसी वस्तु की मांग आपूर्ति की समस्या उत्पन्न हो जाती है तो उस वस्तु का मांग आपूर्तिकर्ता बाजार को शांत करने के लिए अधिकतम शीघ्रता से लाभ कमाने के लिए जल्दी जल्दी में घटिया निर्माण आपूर्ति करने लगता है ऐसा ही कुछ विचित्र कृत्य सृष्टि सृजनहार करने लगा है । वह बढ़ती हुई मानव आबादी की विशेष ईच्छा अधिकतम यौनानुभूतियों को चाहने वाले, अधिकतम यौनानंद प्राप्त करने वाले यौनभोगियों के यहां जल्दी जल्दी में अल्प यौनरस पूरित नयी मानव प्रजाति पैदा करने में लग गया है । जिससे वर्तमान समय में ऐसी अल्प यौनरस वाली कम प्रजनन क्षमता वाली संतान उत्पन्न हो रही है। आपने प्रश्न लिखा है कि किशोर प्रजनन क्षमता खो रहे हैं यह प्रश्न ही आधा अधूरा है किशोर के साथ किशोरिआं भी लिखा होता तो प्रश्न सही तरह से पूरा बन जाता ।
02 नवंबर1987 को मेरे सम्मुख विचित्र घटना घटी जो आज के समय में अविश्वसनीय है कोई भी यकीन नहीं करेगा घटना वर्णन से जबाब बड़ा हो जायेगा संक्षेप में यौनरस का आंकड़ा मैंने एक 80वर्ष से अधिक आयु के अधेड़ उम्र की महिला से अपूर्ण बलात्कार करने के बाद लगभग 10 ml का गाढ़ा यौनरस स्राव यौनक्रिया अवधि 30 मिनट / सुना था / देखा जो किशोर वय आयु के समान था । यह आंकड़ा मैंनेMsc zoology की भ्रूणकि embryology में पढ़ा था । अब यह आंकड़ा 5 ml पर आ गया है ।ब्लकि और भी कम हो गया है।इसके अलावा वीर्य में नं० of sperm शुक्रणुओं की संख्या भी बहुत ही कम हो गई है ।इसका कारण लड़के लड़कियों का समय से पहले जवान हो कर समय से पहले यौनक्रियाएं करना , अपनी आयु स्वास्थ्य ,शरीर क्षमता का ध्यान न रखते हुए अत्यधिक मात्रा में यौनक्रीड़ाएं करते हुए अपने शरीर को यौवनरस से न्यून करना है । इसके अलावा किशोर किशोरिओं को यौन विषयक गलत भ्रामक यौनशिक्षा देकर उनको यौवनक्षमता हीन किया जा रहा है। जैसे डबल बैड सिंगल रजाई की पाश्चात्य संस्कृति को आज भारतीय संस्कृति समाज में मान्यता प्राप्त हो गई है। एक बार मैंने एक बंदरिया को बंदर के यौनक्रिया में फेल होने पर/यौनक्रिया अधूरी रह जाने पर बंदर के समय पूर्व स्खलित हो जाने पर बंदरिया को बंदर से बार बार यौनक्रिया आग्रह करते हुए देखा था ।ऐसा ही विचित्र वाकया कुतिया कुत्ते के साथ देखा था जिसमें कुत्ते के फेल होने पर कुतिया आग्रह कर रही थी। इन सबसे अलग भालूओं का आंकड़ा और भी चिंताजनक है नर भालूओं की मादा भालूओं के समय पूर्व मैथुन क्रिया आरंभ करने पर मादा भालूओं के सहयोग नहीं करने पर मैथुन के मध्य में या मैथुन के अंत में नर भालूओं की लिंगास्थि टूट जाने से नर भालू मैथुन में असमर्थ हो रहे हैं । जिससे अतृप्त मादा भालूओं का यौनव्यहार खराब हो गया है ।मादा भालू अकारण अति हिंसक रहने लगी हैं । यौनक्रियाओं के दौरान शरीर की बढ़ी हुई अतिरिक्त शरीर ऊर्जा न निकल पाने पर वे अवयस्क नर भालूओं से यौनाग्रह करते हुए अवयस्क नर भालूओं को अकारण मार रही हैं।
अब आपके प्रश्न किशोरों किशोरियों की प्रजनन क्षमता का कम होना पर ःः इसके अनेक कारण हैं सबसे पहले कारण है गलत यौन शिक्षा , समय से पहले गलत भ्रामक यौनशिक्षा जो भ्रामक यौन गुरु मस्तराम के द्वारा तरह तरह की व्यस्क पुस्तकें आजादलोक अंगड़ाई आदि के द्वारा रेलवे स्टेशन स्टालों पर ,सड़कों पर आसानी से सुलभ/उपलब्ध हैं । आजकल मोबाइल फोन पर उपलब्ध गुप्त ज्ञान का सार्वजनिक होना . समय से पहले ब्ल्यू फिल्में देखकर समय से पहले किशोरावस्था से पहले दसवें द्वार का खुल जाना जिससे अकारण सृजन यौन ऊर्जा का अपव्यय निरंतर होते रहने से स्वप्नदोष रोग लग जाना , समय पूर्व आयी जवानी का समयरेखा से पहले चला जाना , भारतीय संस्कृति से हटकर पाश्चात्य संस्कृति जीवन पद्धति अपनाना , आयुर्वेद के अनुसार भोजन नहीं खाना कुपोषण ,यौन वाजिकरण औषधियों से अनभिज्ञ अंजान अज्ञानता ,इन सभी की व्याख्या शेष है ःः पाठक नैट पर से फीमेल सैक्स डिस्चार्ज कैमिस्ट्री और मेल सैक्स डिस्चार्ज कैमिस्ट्री जरूर पढ़ें यह अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है उसका किसी अच्छे विज्ञान शिक्षक से अनुवाद कराकर पढ़ें
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