रावण महापंडित था, अत्यंत शक्तिशाली था, शिवभक्त था, महान शासक था। फिर भी क्यों लोग अपने पुत्र का नाम रावण नहीं रखते हैं?


रावण शब्द का वाल्मीकि रामायण के अनुसार अर्थ है :— सभी को रूलाने वाला /परेशान /दुखी करने वाला । यह रावण का निक नेम /पुकारु नाम था जो पीड़ित ऋषि मुनि लोगों ने रखा था । जो नामकरण संस्कार संस्कृति के अनुसार नहीं रखा गया था ।

क्या आप जानते हुए अपने बेटे का नाम ऐसा रखना चाहेंगे जिसके नाम से पहले ही समाज में घृणा/नफरत समाज संस्कृति के लोगों के मन मस्तिष्क में व्याप्त है । जैसे कि अतिरिक्त नाम :: दुर्योधन है ।

ऐसे अन्य दूसरे घृणा सूचक नामों को कोई भी श्रेष्ठ /उत्तम पंडित नामकरण संस्कार संस्कृति के अनुसार किसी का भी नाम रखना पसंद नहीं करता है ।

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