आपने जो राय मांगी ह ,आपने जो सवाल किया ह कि आप जादू टोना पर भरोसा करते हैं तो इस पर मेरा जवाब मेरी सहमति हां है ।
जादू टोना हमारा पुराना तांत्रिक विषय है यह शुक्राचार्य और रावण द्वारा प्रचलित ह ।यह चलाने वाले , प्रयोग करने वाले गुरु या कर्ता की प्रबल मानसिक शक्ति प्रबल विचार प्रबल संकल्प प्रबल प्राणशक्ति पर कार्य करता है । यदि प्रयोग करने वाले की किसी भी जगह पर निर्बल शब्द आ जाए जैसे निर्बल मानसिक शक्ति , निर्बल विचार , निर्बल प्राणशक्ति तो इतना होते ही हमारा यह तंत्र विज्ञान काम करना बंद कर देता है । व्यवहार में देखा होगा जो लोग निर्बल मानसिक शक्ति , निर्बल विचारों वाले होते हैं । वह कितने ही विद्वान क्यों ना हो उनकी विद्वता पूर्ण बातों को कोई भी स्वीकार नहीं करता । परंतु यदि प्रबल मानसिक शक्ति प्रबल विचार शक्ति और प्रबल संकल्प प्राण वाला मनुष्य है , तो ऐसे अल्प शिक्षित मनुष्य के विचारों को भी समाज व्यक्ति सह्रष स्वीकार लेते हैं ।
जादू टोना / जीवन में प्रगति या तरक्की परमाणु के क्वांटम एनर्जी रूल के KLMNO एल एम एन ओ ऊर्जा स्तरीय कक्षा नियम के अनुसार कार्य करता है। जिन लोगों के विचार प्राथमिक के K कक्षा स्तर के होते हैं, ऐसे लोग जीने लायक पढ़ते लिखते और विचार हासिल करते हैं यह जीवन में तरक्की नहीं करते । ऊर्जा कक्ष एल L मींस लेवर ऐसे लोग जिनके विचार प्राथमिक कक्षा से उच्च लेबर स्तर की कक्षा तक के होते हैं, ऐसे लोग काफी देर तक सोच मनन कर सकते हैं यह लोग भी बस जिंदगी जीते हैं। परिवार समाज इनके विचारों को समाज अहमियत मूल्य नहीं देता। नंबर 3 एम M मैकेनिकल जिन लोगों के विचारों में विशेष शक्ति होती है यह देर तक सोच सकते हैं किसी भी विषय पर केंद्रित होकर बोल सकते हैं , यह लोग जिंदगी में तरक्की करते हैं ऐसे लोग के विचार के स्तर से तंत्र विचार की कक्षा आरंभ होती है। नंबर 4 Nएन मिंस नोटोरियस ऐसे लोग जिनके विचार नॉन स्टोप टाइप होते हैं ,यह लोग किसी भी विषय पर लगातार देर तक सोच सकते हैं बोल सकते हैं । इनका मानसिक ऊर्जा स्तर समाज के लोगों से कुछ होता है यही लोग तंत्र विद्या में चल सकते हैं । परंतु वास्तविकता यह है कि तंत्र विद्या की कक्षा में केवल ओ O मींस ऑपरेटिंग ओ मींस ऑफिसर या कंट्रोलर टाइप के मानसिक शक्ति विचार युक्त लोग ही तंत्र विद्या में सिद्ध हो पाते हैं।
आप ने जो शंका.बस प्रश्न पैदा किया है । इसका कारण मात्र यही है कि आप कभी किसी सिद्ध तंत्र शिक्षित गुरु कोटि के ही मनुष्य से नहीं मिले ।अभी तक आप लालची जनसाधारण निर्बल विचारों वाले मनुष्यों के तंत्र कार्य को देखें हैं ।इनका तंत्र कार्य संभावना की श्रेणी में आता है ।विश्वसनीयता की श्रेणी में नहीं आता है ।
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