आदत ( नित्य दैनिक कर्म ,क्रियाएं कार्य करने का एक समान तरीका ) सोच (दिमाग के कार्य करने का तरीका ) व्यवहार ( सामाजिक क्रियान्वयन पर क्रिया प्रतिक्रिया का तरीका ) विचार ( अध्ययन पश्चात मन मस्तिष्क में संचित सूचनाएं ) संस्कार (दूसरे लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार व्यवहार करने का कला विज्ञान ) जीवन पद्धति ही लोगों को अमीर बनाती है या गरीब बनाती है । इसके बारे में सही तरीके से अगर आपको जानकारी चाहिए ,तो रॉबर्ट कियोसाकी की किताब ::रिच डैड पुअर डैड ःः पढ़ें जिसमें बताया गया है कि किस तरह से अमीर बाप अपने बच्चों को अमीरी की आदत बनाता है, सोच सिखाता है, और अमीरों जैसा व्यवहार करना सिखाता है ।
जबकि गरीब बाप अपने बच्चों को गरीबाई की आदत , गरीबी की जीवन सोच , गरीबों जैसा व्यवहार करना सिखाता है , जैसे साधारण बोलचाल की अवस्था में भद्र देश की भद्दी भाषा , असभ्य असंस्कारित व्यवहार , गाली गलौज करना , धन के खर्च करने की कला को विज्ञान को नहीं सीखना समझना , जीवन को निद्रा पूर्ण नशे की अवस्था में जीने के लिए नशे के पदार्थों का सेवन करते हुए जीना ।
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