लग्न कुंडली द्वारा किसी के भविष्य की भविष्यवाणी करने के लिए आरंभिक चरण क्या हैं ?


वर्ण में समानता , विरोधी भाव विपरीतता नहीं

योनि मिलाप में समानता निकटता जलती है योनि शत्रुता में मारक योनि संबंध नहीं होना चाहिए ।

नाड़ी मिलान में समानता निकटता नहीं होनी चाहिए ।

गण मिलान में विपरीतता अच्छी नहीं होती है ।

नक्षत्र बल प्रतिशतता में लिंग के अनुसार नक्षत्र बल विचार करना उचित है जैसे पुरुष जातक के सूर्य बल , मंगल बल , राहु बल ,गुरु बल , शनि बल ,इंद्र बल , स्त्री जातक के चंद्र बल , शुक्र बल , केतु बल , वरुंण बल , यम का आठवां यमी का बारहवां घर ग्रह नक्षत्र युति स्थिति

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