पिछली पीढ़ी और आज की पीढी में क्या मुख्य अन्तर है?


पिछली पीढ़ी और आज की पीढ़ी में जो मैंने मुख्य अंतर सुना था वह शब्द था जेनरेशन गैप ।।

परंतु मैं इस शब्द पर पहुंचा हूं इस शब्द से संतुष्ट नहीं हूं इसके लिए जो मेरे मन मस्तिष्क में उचित शब्द आया है वह जेनरेशन बैक ।।

अर्थात जो वर्तमान पीढ़ी है वह यदि भौतिक सुख संपदा ओं से युक्त है तो निकम्मी आलसमयी होकर अपने पूर्वजों की ओर गरीबी और निर्धनता की ओर पहुंचने लगती है फ्रांसिस गाल्टन के रिग्रैसन / उत्थान या पतन के पूर्वज नियम में से पतन की ओर ,यदि उसका सामाजिक समृद्धि गुणांक से विचलन अधिक हो जाता है अर्थात उसके पास कुल या वंश की तुलना से अधिक समृद्धि आजाती ह इसे इस तरह से भी कहा जाता है कि यदि बाप के पास अपने कुल/ वंश की तुलना में अधिक धन बल बुद्धि आती है तो उसकी संतान गरीबी का जीवन अच्छा समझती है औँर गरीबी/पतन मार्ग पर चलने लगती है। यदि वर्तमान पीढ़ी अभावग्रस्त है वह सामाजिक कुल वंश के समृद्घि गुणांक से निम्न स्तर पर है तो वह अभावों से पीछा छुड़ाने के लिए विकास /उत्थ आन पर चलने लिए अमन आनंद समृद्ध स्रोत और नए-नए संसाधन खोजने ढूंढने लगती है जिनमें अध्ययन और व्यापार व्यवसाय प्रमुख हैं ।

बाप के बाद संतान का गरीब होना या अमीर होना

संतान/संतति द्वारा पितर पीढ़ी/मां बाप का विरोध करना जेनेरेशन गैप नहीं जैनैरेशन बैक कहा जाता है।

इस प्रकार से पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी में मूल रूप से अंतर यह आता है —अक्सर पुरानी पीढ़ी पुराने समय में जीती है और नई पीढ़ी वर्तमान समय में जीती है । यदि पुरानी पीढ़ी के लोग वर्तमान को सोचते हुए भविष्य में सोचना अनुमान करना सीख जाते हैं तो पुरानी पीढ़ी के लोग वर्तमान पीढ़ी में भविष्य के लिए मिले प्रशिक्षण के मद्देनजर एडजस्ट हो जाते हैं । यदि पुरानी पीढ़ी के लोगों को भविष्य के अनुसार उचित शिक्षा या प्रशिक्षण नहीं मिला तो भी पुरानी पीढ़ी के पुराने इतिहास में सिमटे रहते हैं ।अच्छे भविष्य की नहीं सोच पाते और परिणाम यह होता है कि वह अपने संतति में अपने ही लोगों से नहीं मिलकर एडजस्ट हो पाते हैं ।

इससे बुरी व्यथा उस वर्तमान पीढ़ी की है जिसे हम नई पीढ़ी कहते हैं जो अपने भविष्य की चिंता नहीं करती और पिछली पीढ़ी से मिले ज्ञान को सीखना उचित नहीं समझती है । कहने का मतलब यह है जो पिछली पीढ़ी से मिलकर सामंजस्य नहीं बिठा मिला सकती और भविष्य की नई पीढ़ी से मिलने के लिए अपनी मानसिक संरचना में परिवर्तन नहीं कर सकती तो ऐसी नई पीढ़ी भी परेशान होती है । यह किस प्रकार की? कौनसी विकसित हुई ?

इसे जेनरेशन गैप नहीं जेनरेशन बैक कहते हैं जिसमें नई पीढ़ी , अपने मिथ्या काल्पनिक भ्रम पूर्ण जन ज्ञान के अभिमान में खोकर , अपने पुरानी /पूर्वज पीढ़ी प्रदत्त ब्रहम ज्ञान और सत्य ज्ञान से दूर होकर विकास के मार्ग को भूलकर विनाश के मार्ग पर चलते हुए , आलस्य निकम्मेपन के मार्ग पर सोशल मीडिया टि्वटर इंस्टाग्राम फेसबुक व्हाट्सएप आदि चलते हुए विपत्ति गरीबी और विनाश के मार्ग पर चलकर अपने पूर्वजों से भी पूर्वजों के विभिन्न अवस्था में जाकर रुकती है ।

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