यह मेरा निजी अनुभव है :-, जो मैंने तुलसी के पौधे से प्राप्त किया तुलसी के पौधे में विशेष औषधीय गुण होते हैं यह धनात्मक शक्ति से ,विषशोधन शक्ति युक्त होता है । यदि किसी व्यक्ति के शरीर में वातज ,पितज ,कफज जमा है तो तुलसी के पत्तों का सेवन करने के बाद उसके शरीर के शोधन के लिए , स्वत ही वमन / उल्टियां लग जाएंगे, विरेचन / दस्त भी लग सकते हैं । इसके अलावा तुलसी के पौधों की गंध के प्रभाव से घर में विषैले कीट पतंगे मच्छर आदि नहीं आते हैं तुलसी के पौधे में विशेष तंत्र शक्ति होती है यह विशेष चेतनता का गुण युक्त होता है मैंने घर पर देखा है ।जब भी तुलसी के पौधे में उच्छिषठ पानी झूठा पानी गंदा पानी डाला गया , तो तुलसी का पौधा मुरझाया और मर गया । कभी-कभी वह खुद गंगाजल से ठीक हो जाता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि तुलसी का पौधा गंगाजल से जीवन धारण कर ले । तुलसी का पौधा विशेष पीएच वाली जमीन में उगता है । यह विशेष संवेदी होने से जो अति नकारात्मक ऊर्जा जगह है जहां भूत प्रेत का आवागमन रहता है या भूत प्रेत रहते हैं उन जगहों पर तुलसी का पौधा अच्छी तरह से नहीं फलता फूलता । या परवरिश्त नहीं होता है । इस वृक्ष का उपयोग घर की जगह की जैविक ऊर्जा शक्ति या फर्टिलिटी मापने में भी किया जाता है। यह रोग निरोधक शक्ति भी शरीर में पैदा करता है इसके इसी गुण के उपयोग के कारण तुलसी की चाय विशेष कहीं गई है।
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